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गोकुलपुरी अग्निकांड: जिगर के टुकड़े को बचाने में उजड़ गया परिवार, शहंशाह के लिए जलती हुईं झुग्गियों में कूद गया था बबलू

Sat, 12 Mar 2022 10:10 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 12 Mar 2022 10:10 PM IST
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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला

गोकुलपुरी गांव की झुग्गियों को जिस समय आग की लपटों ने घेरा तो बबलू का पूरा परिवार सुरक्षित बाहर निकल आया था। लेकिन, अगले ही पल परिवार जान जोखिम में डालकर फिर से मौत के मुंह में कूद गया था। परिवार का कोई सदस्य घर का सामान तो कोई अमित उर्फ शहंशाह को खोजने में लग गया था। लेकिन, बबलू के माता-पिता, भाई सुजीत, दो बहनें रबीना और संगीता ही मौत को चकमा दे सके। वहीं, बचा हुआ परिवार काल के गाल में समा गया।    

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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला

मृतकों के परिजनों में शामिल रबीना ने बताया कि जिस समय आग की लपटों ने झुग्गियों को घेरा तो शोर सुनकर परिवार की आंख खुली। घबराकर सभी लोग बाहर की ओर दौड़े। लेकिन, इस बीच परिवार के लोगों ने पाया कि बबलू का बेटा शहंशाह अंदर ही फंस गया है। वहीं, घर के कीमती सामान की भी घर वालों को फिक्र होने लगी। साथ रहने वाले अन्य लोगों ने बहुत समझाने की कोशिश भी की। लेकिन, परिवार के लोगों का दिल नहीं माना। इस बीच अगले पल ही बबलू समेत परिवार के अन्य लोग जलती हुई झुग्गियों में कूद गए। 

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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला

रबीना ने बताया कि आग की लपटें तेजी से झुग्गियों को घेरते हुए हमारी झुग्गी की तरफ बढ़ रही थी। वहीं, बबलू शंहशाह-शंहशाह चिल्लाता हुआ आग के बीच अपने जिगर के टुकड़े को ढूंढने के लिए अंदर घुसता चला जा रहा था। अन्य परिजन भी शंहशाह को ढूंढने के साथ सामान को बचाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन, इस बीच आग ने तेजी से झुग्गियों को चारो ओर से घेर लिया। किसी तरह रबीना और संगीता ने मां मुन्नी और पिता रज्जन को बाहर निकाला। वहीं, भाई सुजीत भी भागता हुआ बाहर आया। लेकिन, अन्य भाई-बहन की चीखें काले धुएं और आग की लपटों के पीछे रह गई थीं और एक ही पल में सब कुछ खत्म हो गया। 

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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
रबीना ने बताया कि आग से बचाने में मां के सिर पर गंभीर चोट आई है व शरीर का एक हिस्सा जल गया। वहीं, पिता भी आग से बुरी तरह से झुलस गए हैं। 


 
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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला

बहन रेशमा की अगले माह होनी थी शादी  
परिजनों ने बताया कि बहन रेशमा का शादी अगले माह तय थी। इसे लेकर परिवार बीते तीन-चार माह से तैयारियां में जुटा हुआ था। बहन की शादी गांव में धूमधाम से करने के लिए भाई-बहनों ने पाई-पाई जोड़कर करीब ढाई लाख रुपये का इंतजाम किया था। इसमें से कुछ रुपये के आभूषण व अन्य सामान खरीदकर घर में जमा भी कर लिया था। बाकी का इंतजाम गांव में पहुंचकर करना था। इसके लिए गांव में शादी को लेकर भी अन्य तैयारियां चल रही थीं। बकौल रबीना, रेशमा के लिए खरीदे गए नए कपड़ों से लेकर आभूषण भी झुग्गी के साथ जलकर खाक हो गया। 

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