दिल्ली-एनसीआर की दमघोंटू हवाओं के बीच देश की बड़ी आबादी इस वक्त भी अच्छी हवा में सुकून की सांस ले रहा है। उत्तर भारत के विपरीत दक्षिण भारत की हवाएं साफ हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) जिन 136 शहरों की वायु गुणवत्ता जारी की है, उनमें से 28 शहरों का सूचकांक 50 से नीचे है। जबकि 27 शहरों में यह आंकड़ा 300 से ऊपर है। बाकी 81 शहरों की हवाएं 'संतोषजनक', 'औसत' व 'खराब' श्रेणी में है। खास बात यह कि इस दौरान किसी भी शहर की हवा गंभीर स्तर तक प्रदूषित नहीं रही।
{"_id":"61927c01b0595854695fa87a","slug":"from-north-to-south-india-here-are-the-five-best-and-worst-air-quality-cities-in-the-country","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक: ये हैं देश के पांच अच्छे और बेहद खराब वायु गुणवत्ता वाले शहर, जानें क्यों है इतना अंतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक: ये हैं देश के पांच अच्छे और बेहद खराब वायु गुणवत्ता वाले शहर, जानें क्यों है इतना अंतर
Mon, 15 Nov 2021 09:15 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 15 Nov 2021 09:15 PM IST
सार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक देश के 28 शहरों की हवा की गुणवत्ता अच्छी श्रेणी में जबकि 27 शहरों का प्रदूषण स्तर पहुंचा बेहद खराब है।
विज्ञापन
वायु गुणवत्ता में अंतर
- फोटो : फाइल फोटो
सांकेतिक
हवा की गुणवत्ता के मामले में उत्तर व दक्षिण भारत के बीच साफ-साफ विभाजक रेखा दिखती है। खराब से बेहद खराब श्रेणी के ज्यादातर शहर उत्तर भारत के हैं और अच्छी से संतोषजनक स्तर की हवाओं वाले ज्यादातर शहर दक्षिण भारत के। विशेषज्ञों की मानें तो इसकी वजह मौसमी दशाएं और भौगालिक बनावट है। उत्तर भारत में तापमान, हवाओं की दिशा बदलने के साथ मिलकर पराली आदि को धुआं इस वक्त प्रदूषण के स्तर को गंभीर बना देता है। जबकि अरब सागर, बंगाल की खाली और हिंद महासागर से घिरे दक्षिण भारत में तेजी से मौसमी बदलाव नहीं होते। साथ ही प्रदूषकों का उत्सर्जन भी इतनी बड़े पैमाने पर नहीं होता। वैश्विक मॉडल का अध्ययन करने की जगह सरकारों को अपने देश का ही अध्ययन कर वायु प्रदूषण की स्थिति से निपटने की कोशिश करनी चाहिए।
कोयंबटूर
- फोटो : istock
अच्छी हवा वाले टॉप पांच शहर
कोयंबटूर: 18
अमरावती: 19
बागलकोट: 23
मेदीकरी: 24
गडग: 26
विशाखापत्तनम: 26
(सभी शहर दक्षिण भारत के)
कोयंबटूर: 18
अमरावती: 19
बागलकोट: 23
मेदीकरी: 24
गडग: 26
विशाखापत्तनम: 26
(सभी शहर दक्षिण भारत के)
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली वायु प्रदूषण
- फोटो : istock
बेहद खराब वाले टॉप पांच शहर
दिल्ली: 353
कोटा: 353
जींद: 350
उदयपुर: 348
गाजियाबाद: 335
दिल्ली: 353
कोटा: 353
जींद: 350
उदयपुर: 348
गाजियाबाद: 335
विज्ञापन
दिल्ली वायु प्रदूषण
- फोटो : istock
डीपीसीसी का विश्लेषण, नवंबर में होती दिक्कत
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का एक विश्लेषण बताता है कि हर साल एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि इस दौरान मौसमी दशाएं प्रतिकूल होती हैं। साथ ही पराली के धुएं का भी गहरा प्रभाव पड़ता है। दोनों के मिले-जुले असर पर प्रदूषण का स्तर बेहद खराब होता है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का एक विश्लेषण बताता है कि हर साल एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि इस दौरान मौसमी दशाएं प्रतिकूल होती हैं। साथ ही पराली के धुएं का भी गहरा प्रभाव पड़ता है। दोनों के मिले-जुले असर पर प्रदूषण का स्तर बेहद खराब होता है।