दिल्ली में महापर्व छठ बड़े धूम-धाम से मनाया गया। कोरोना महामारी को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा यमुना नदी के घाटों पर पूजा करने की अनुमति नहीं देने के कारण व्रतियों को थोड़ी परेशानी जरूर हुई लेकिन सभी ने पूरे जोश व समर्पण के भाव से महापर्व छठ मनाया। यमुना नदी के कई घाटों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने वहां जाने वाले श्रद्धालुओं को लौटा दिया।
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यमुना में जहरीले झाग को घाट की तरफ आने से रोकने के लिए बेरिकेड लगाते कर्मी
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कालिंदीकुंज के पास यमुना नदी में जहरीले झाग के बीच जाकर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और सूर्य देव की पूजा की। इस बीच दिल्ली जल बोर्ड ने जहरीले झाग को खत्म करने के लिए पहले पानी का छिड़काव कराया बाद में झाग को घाट तक आने से रोकने के लिए बैरीकेडिंग कर दी। लेकिन लोगों को प्रदूषित पानी के अंदर जाकर पूजा करनी पड़ी।
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यमुना घाट पर पहुंचे भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह
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घाटों पर अव्यवस्थाओं को लेकर दिल्ली सरकार पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवेश साहिब सिंह और मनोज तिवारी खास तौर पर हमलावर रहे। प्रवेश साहिब सिंह आईटीओ यमुना घाट पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरीकेड को तोड़कर अंदर चले गए और वहां साफ पानी पहुंचाकर पूजा-अर्चना की।
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पूजा करने यमुना घाट पर पहुंचे भाजपा सांसद मनोज तिवारी
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इस बीच सांसद मनोज तिवारी भी छठ पूजा करने के लिए सोनिया विहार स्थित यमुना घाट पर पहुंच गए और वहां विधि-विधान से पूजा की। उन्होंने कहा कि हम डीडीएमए का आदेश नहीं मानेंगे। डीडीएमए का काम यमुना की सफाई करना है ना कि लोगों को वहां तक जाने से रोकना।
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दिल्ली में एक घाट पर पूजा करतीं व्रती
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राजधानी में यमुना नदी के दोनों ओर किनारे आसपास समेत करीब एक हजार स्थानों पर श्रद्धालु जमा हुए और छठ पूजा की। खरना के बाद व्रतियों ने बुधवार को उपवास रखते हुए शाम को अस्तचलगामी सूर्य को पानी में खड़े होकर प्रणाम किया। तत्पश्चात अर्घ्य के रूप में पूजन सामग्री भावनात्मक रूप से उन्हें समर्पित की। महिलाओं के सिरों पर अर्घ्य के सामान से भरी टोकरियां रखी हुई थी। इस दौरान बच्चों का उत्साह तो स्वयं में देखने योग्य था।