आश्रम अंडरपास का दूसरा कैरिज्वे भी बुधवार को खोल दिया गया। सुबह से निजामुद्दीन से बदरपुर बॉर्डर की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए कैरिज्वे खुलने से अंडरपास से हजारों वाहन बिना रुके गुजरने लगे। ट्रायल के पहले दिन बदरपुर से निजामुद्दीन की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए एक सड़क को ट्रायल के तौर पर खोला गया। सुबह दोनों कैरिज्वे खुलने से वाहनों चालकों को तो दफ्तर और अपने जरूरी काम के सिलसिले में पहुंचने में सहूलियत हुई, लेकिन स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ती हुई नजर आईं। अंडरपास और सर्विस रोड से निजामुद्दीन की तरफ जाने वाले वाहनों के बीच से गुजरते हुए सड़क पार करने के लिए लोग दौड़ते नजर आए। खासतौर पर स्कूली छात्र-छात्राएं रोजाना वाहनों के सामने खुद को बचाते हुए सड़क पार करने के लिए मजबूर हैं। अंडरपास के दोनों तरफ फुटओवर ब्रिज तो हैं, लेकिन सीढ़ियां और लिफ्ट न होने की वजह इस्तेमाल के लायक नहीं है।
खुल गए आश्रम अंडरपास के दोनों कैरिज्वे: लाखों लोगों को मिली जाम से मुक्ती, घंटों का सफर मिनटों में होगा तय
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आश्रम अंडरपास के बाहर निजामुद्दीन की तरफ जाने के लिए सर्विस रोड से भी वाहन जहां मिल रहे थे, वहां सड़क संकरी नजर आई। वाहनों के सामने से सड़क पार करने की सुविधा न होने पर स्थानीय लोगों ने एतराज जताते हुए कहा कि अंडरपास से पहले फुटओवर ब्रिज की सुविधा होनी चाहिए। स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाओं और बुजुर्गों को वाहनों को भी सड़क पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के वक्त, व्यस्त ट्रैफिक में सड़क पार करना कभी भी परेशानी का सबब बन सकती हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंडरपास को जल्द शुरू करने में जल्दबाजी की गई। न तो सड़कों के आसपास से मलबे हटाए गए हैं और न ही फुटपाथ का निर्माण किया गया है। फुटओवर ब्रिज की सुविधा नहीं है, फिर भी अंडरपास को खोल दिया गया।
तेज रफ्तार वाहनों के सामने दौड़ते हुए करते हैं सड़क पार
आश्रम अंडरपास के दोनों कैरिज्वे के शुरू होने से दूर दराज के लोगों के लिए सहूलियतें बढ़ गई हैं। मगर स्थानीय लोगों की परेशानी कम नहीं हुई हैं। घरों से निकलने के बाद बच्चों को स्कूल आने जाने या खरीदारी के लिए सड़क पार पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। वाहनों की भारी तादाद और जाम कम होने से रफ्तार भी सामान्य हैं। निजामुद्दीन से बदरपुर की तरफ भोगल फ्लाईओवर से उतरते हुए वाहनों की तेज रफ्तार होती है। ऐसे में बस या दूसरे वाहनों के सामने से गुजरना कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। इससे बचने के लिए लोग दौड़कर सड़क पार करते हैं।
सड़क पार करना और मुश्किल
दुकानदार मनोज ने बताया कि इससे वाहन चालकों को तो राहत मिली है, लेकिन सड़क पार करना और मुश्किल हो गया है। ट्रैफिक मर्ज होने की वजह से वाहनों की तादाद और बढ़ने से परेशानी और बढ़ गई है। सरकार को अंडरपास को खोलने से लोगों को पहले फुटओवर ब्रिज की सुविधा मिलनी चाहिए।
फुटपाथ भी नहीं हैं फिलहाल
स्थानीय निवासी भंडारी सैनी ने बताया कि दुकानों के सामने चलने की जगह नहीं है। मलबा अभी भी पड़ा है जबकि एक से दो फुट की जगह है और सड़क पहले से और संकरी लगने लगी है। पैदल चलने वालों के लिए भी फुटपाथ की सुविधा होनी चाहिए। रास्ते में बिजली के ट्रांसफर्मर, फुटओवर ब्रिज का निचला हिस्सा सहित कई और तरह की अड़चने होने के कारण फुटपाथ की भी सुविधा नहीं है।
समय की हो रही है बचत
स्थानीय नागरिक उमाशंकर ने बताया कि इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। हालांकि सुबह शाम अभी भी वाहनों का जाम लगता है। रिंग रोड से निजामुद्दीन की तरफ जाने वाले वाहनों का अभी भी जाम रहता है। गढ़ी में एक फैक्टरी में काम करने वाले धर्मवीर ने बताया अंडरपास के शुरू होने से उन्हें फैक्टरी पहुंचने में सहूलियत हुई है। पहले करीब आधे घंटे का वक्त लगता था, अब 10 मिनट में पहुंच जाते हैं।
पूरे किए जा रहे शेष कार्य
निजामुद्दीन से बदरपुर बॉर्डर जाने के लिए वाहनों को जाना और आसान हो गया। अंडरपास के नजदीक फुटपाथ बनाने का काम भी चल रहा है, जिसे एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। रात के वक्त अंडरपास पर शेष कार्यों को पूरा किया जा रहा है ताकि अंडरपास से वाहनों की आवाजाही को और सुलभ बनाया जा सके। मलबा हटाने के बाद हालात में और सुधार की उम्मीद की जा रही है, लेकिन पैदल चलने वालों की मुश्किलें फिलहाल खत्म होने की उम्मीद कम है।