दादरी कोतवाली प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह ने बताया कि भगत कन्हैया का अंशुल के गांव में आना जाना था। कन्हैया की आयु 65 वर्ष है और अंशुल की मां की आयु लगभग 45 वर्ष है। अधिक आने जाने के दौरान ही कन्हैया और अंशुल की मां के संबंध हो गए। 1 जून 2017 को अंशुल का विवाह हो गया और उसकी पत्नी साथ रहने लगी।
इसके बावजूद कन्हैया का उनके घर पर आना जाना कम नहीं हुआ। अंशुल के पिता इस बात का बिल्कुल विरोध नहीं कर पाते थे। कुछ दिन बाद ही अंशुल और उसकी पत्नी में आपसी मतभेद हुआ और वह अपने मायके में चली गई। कुछ दिन बाद आपसी बातचीत के बाद वह वापस आई, लेकिन फिर चली गई। डेढ़ माह पहले मई में दोनों पक्षों की पंचायत हुई और इसमें अंशुल के साथ रहने से उसकी पत्नी ने साफ इंकार कर दिया।
जीजा अमित से भी की अभद्रता
पत्नी के छोड़कर जाने की वजह अंशुल मां और भगत के संबंध को मानने लगा थी। पत्नी के जाने से वह अधिक शराब भी पीता और मां से अक्सर मारपीट करता था। इसका विरोध करने पर उसने जीजा अमित से भी कई बार अभद्रता कर दी थी। यही कारण था अमित भी सास का साथ देने को तैयार हो गया।
अंधविश्वास के कारण फंसी
अंशुल की मां अंधविश्वास के कारण भगत के जाल में फंस गई। लोगों का कहना है कि भगत ने उसे किसी परेशानी या मुसीबत से दूर करने का भरोसा देकर जाल में फंसाया होगा। भगत कर्मकांड आदि कर महिला को मुसीबत दूर करने के बहाने उसके घर जाने लगा होगा और फिर उससे संबंध बना लिए होंगे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि भगत शुरूआत में पूजा पाठ करने के बहाने वहां आता था।