दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में चार मई को हुए झगड़े में पहलवान सागर धनकड़ की हत्या के मामले में गिरफ्तार सुशील व उसके साथी अजय ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने पूछताछ में न सिर्फ ये बताया कि किस बात पर विवाद इतना बढ़ा कि बाद खून खराबे पर उतर आई, बल्कि ये भी बताया कि कैसे छत्रसाल स्टेडियम में इस खूनी कुश्ती को अंजाम दिया गया। आगे पढ़ें पूरी खबर...
सुशील और अजय ने खुलासा किया है कि फ्लैट के किराए को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद हुए था। जिसके बाद सुशील व उसके साथियों ने सागर, सोनू और अमित की बुरी तरह पिटाई कर दी थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फ्लैट सुशील की पत्नी के नाम पर है। सुशील ने इसे किराए पर सागर व अन्य को दिया हुआ था। इस फ्लैट का किराया सागर ने दो माह से नहीं चुकाया था। इसको लेकर सारा बवाल हुआ। पुलिस अब सुशील और सागर से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस हाईप्रोफाइल मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
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sushil kumar arrested
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान पता चला है कि चार मई की रात को सुशील अपने कई साथियों के साथ मॉडल टाउन के उसी फ्लैट के नीचे पहुंचा था, जिसको लेकर विवाद था। सुशील के साथ कुछ गैंगस्टर भी मौजूद थे। सुशील फ्लैट में बैठा रहा, जबकि उसके साथी सागर और उसके दोस्तों को बुलाने चले गए। सागर और उसके दोस्त फ्लैट से बाहर आए तो सभी को अलग-अलग आधा दर्जन कारों में बिठा लिया गया। इसके बाद उनको छत्रसाल स्टेडियम लाया गया।
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सुशील पहलवान
- फोटो : एएनआई
जहां दोनों गुटों में जमकर विवाद हो गया। यहां काला जठेड़ी गिरोह के कुछ बदमाश भी मौजूद थे। इन लोगों ने हवा में कुछ राउंड गोलियां भी चलाईं। सुशील व उसके साथियों ने सागर व अन्य को लाठी, डंडों और हाकी से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान सागर के एक साथी ने मौका देखकर पीसीआर कॉल कर दी। पुलिस वहां पहुंची तो सुशील समेत बाकी पहलवान वहां से भाग गए। इधर अगले दिन सुशील को पता चला कि सागर की मौत हो गई है। यह पता चलते ही सुशील मॉडल टाउन स्थित अपने घर से सुबह 9.30 बजे निकल गया।
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सुशील कुमार
- फोटो : twitter.com/WrestlerSushil
सबसे पहले वह शालीमार बाग इलाके में अपने एक जानकार के पास गया। वहां से वह यूपी के मुजफ्फरनगर निकल गया। इसके बाद वह उत्तराखंड में पहुंचा। वहां से कभी यूपी तो कभी हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में ठिकाने बदलता रहा। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि बाहरी दिल्ली में रहने वाले एक शख्स ने सुशील और उसके साथियों को दस सिमकार्ड उपलब्ध करवाए। इनकी मदद से लगातार वह इंटरनेट कॉलिंग कर अपने नजदीकियों के सपंर्क में रहे।