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'कोर्ट में पेश ही नहीं किए गए तलवार दंपति की बेगुनाही के सही सबूत'

Sat, 14 Oct 2017 01:24 PM IST
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 14 Oct 2017 01:24 PM IST
former cbi jt director arun kumar says Evidence which favoured Talwars not present in court earlier
arushi talwar

बीएसएफ में मौजूदा एडीजी और आरुषि हत्याकांड के दौरान सीबीआई के तत्कालीन डीआईजी अरुण कुमार ने शुक्रवार को ट्वीट करके कहा कि सीबीआई ने कोर्ट में वह साक्ष्य ही नहीं पेश किए जिससे तलवार दंपति को बेगुनाह ठहराया जा सकता था। साक्ष्यों की तलवार दंपति के खिलाफ व्याख्या की गई।

former cbi jt director arun kumar says Evidence which favoured Talwars not present in court earlier
arushi talwar

आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सीबीआई की ओर से सबसे पहले अरुण कुमार के नेतृत्व में ही जांच का जिम्मा संभाला गया था। वह तत्कालीन डीआईजी थे, जो अब बीएसएफ के एडीजी हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि सीबीआई अब आगे सुप्रीम कोर्ट जाएगी या नहीं। इस बारे में मैं बताने की स्थिति में नहीं हूं। यह सीबीआई ही बता पाएगी, चूंकि कोर्ट ने फैसले में यह नहीं कहा है कि आगे क्या करना है। अब तो दो ही तरीके हैं कि या तो सीबीआई खुद किसी साक्ष्य के आधार पर विवेचना शुरू करे या कोर्ट आदेश दे कि इसकी विवेचना की जाए, तभी चीजें बढ़ सकती हैं नहीं तो यह भी एक मर्डर मिस्ट्री बनकर रह जाएगी।

former cbi jt director arun kumar says Evidence which favoured Talwars not present in court earlier
arushi talwar - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मैंने यह महसूस किया कि हम लोगों को बैठकर यह सोचना चाहिए कि किसी भी आदमी के साथ ऐसा क्यों हुआ। अगर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर सोचें तो आरुषि को तलवार दंपति ने नहीं मारा। ऐसे में दो चीजें हो सकती हैं। पहला, यह कि एक तो तलवार दंपति ने मारा, लेकिन साक्ष्य नहीं था।

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former cbi jt director arun kumar says Evidence which favoured Talwars not present in court earlier
arushi talwar - फोटो : अमर उजाला

दूसरा, यह कि उन्होंने नहीं मारा तो किसी और ने मारा। शुरुआती दौर में बतौर जांच अधिकारी मैंने शुरू से कहा है कि तलवार दंपति ने हत्या नहीं की। यदि आप गंभीरता से सोचें तो जो भी इस तरह के केस हुए उन्हें मीडिया में चर्चा का केंद्र बिंदु बनाया गया। जैसे आरुषि हो या निठारी कांड या कोई और।

former cbi jt director arun kumar says Evidence which favoured Talwars not present in court earlier
arushi talwar

मीडिया से प्रभावित होते हैं गवाह और जांचकर्ता
अरुण कुमार ने बताया कि जांचकर्ता, गवाह और संदिग्ध के बीच एक संबंध होता है। जांचकर्ता को पता होता है कि उसे कैसे जांच को सही दिशा में ले जाना है। कैसे जरूरी बातें निकालनी हैं, लेकिन सीबीआई से पूछताछ से पहले और बाद में अगर किसी गवाह या संदिग्ध से मीडिया बातचीत करने की कोशिश करे और खबर पूरे दिन दिखाई जाए तो तो उससे जांचकर्ता और गवाह भी प्रभावित होंगे। यही नहीं हमारी जिम्मेवारी और क्षमता के बारे में भी बातचीत की जाती है।

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