छात्रा को जिंदा जलाने की घटना ने केवल परिवार में ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों में खौफ पैदा कर दिया है। छात्रा ने सात दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लेकिन इस खौफनाक घटना की पांच बातें जानकर आप भी अंदर तक हिल जाएंगे।
सुनसान जगह कच्चे रास्ते पर वहशी ने छात्रा को जबरन रोककर उससे जबरदस्ती करनी शुरू कर दी। छात्रा के विरोध करने पर आरोपी ने उसके ऊपर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया। इस बीच सुनसान सड़क पर छात्रा आग में झुलसती हुई चिल्लाती रही लेकिन वहां कोई नहीं था। कुछ देर बाद मौके से गुजर रहे एक ग्रामीण ने छात्रा को जली हुई हालत में रास्ते में पड़ा देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी।
पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को आग के हवाले करने की सूचना आरोपी मनोज सिंह ने उन्हें फोन करके खुद दी थी। साथ ही आरोपी ने फोन पर यह भी कहा कि मैंने तुम्हारी बेटी को आग लगा दी है, अब तुम बचा सकते हो, तो बचा लो। उसकी ये बातें सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
युवती को जिंदा जलाने वाले आरोपी मनोज सिंह उर्फ बंटी ने खुद के लिए मौत मांगी थी। आरोपी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उसका युवती से कक्षा नौ से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती के संपर्क तोड़ने से वह आक्रोशित हो गया। आग लगाए जाने की घटना को स्वीकार करते हुए आरोपी ने कहा कि वह भी खुदकुशी की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
घटना से दुखी आरोपी के पिता ने कहा कि जीवन में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका बेटा उन्हें इस तरह से शर्मसार करेगा। आरोपी बंटी की मां का कहना है कि वह बेटा हमारा है, लेकिन उसके अपराध की माफी नहीं है। उसे उसके अपराध की कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए।