अगर आकाश साफ हो तो अर्धरात्रि में सिर के ठीक ऊपर का नजारा जरूर देखिए। यहां जो बहुत चमकीला पिंड नजर आएगा वह कोई तारा नहीं बल्कि मंगल ग्रह है।
{"_id":"5b59cfb74f1c1b572f8b69fb","slug":"you-can-see-wonderful-astronomical-incident-on-27-july-late-night","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"27 जुलाई की रात अगर अासमान रहा साफ तो आप देख सकेंगे ये अद्भुत नजारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
27 जुलाई की रात अगर अासमान रहा साफ तो आप देख सकेंगे ये अद्भुत नजारा
गिरीश रंजन तिवारी, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Thu, 26 Jul 2018 07:23 PM IST
विज्ञापन
अंतरिक्ष
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
mars
यह पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी लगभग चालीस करोड़ किमी के मुकाबले लगभग आठ गुना नजदीक 5 करोड़ 75 लाख किमी की दूरी पर है। इससे पहले साठ हजार सालों बाद 27 अगस्त, 2003 में (ज्ञात इतिहास के अनुसार) मंगल ग्रह पहली बार पृथ्वी के सर्वाधिक निकट 5 करोड़ 57 लाख किमी तक आया था।
mars
इस बार मंगल उससे कुछ अधिक दूर लेकिन 15 वर्ष में सर्वाधिक निकट है। इसके बाद यह निकटता 2035 में नजर आएगी और 2003 वाली स्थिति लगभग 270 वर्ष बाद 2287 में बनेगी। वर्तमान में निकटता के चलते मंगल बृहस्पति से ज्यादा चमकदार नजर आ रहा है। यह सर्वाधिक चमकदार 27 जुलाई को चंद्रग्रहण वाली रात्रि को दिखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
mars
- फोटो : demo pic
हालांकि पृथ्वी के ज्यादा निकट 31 जुलाई को आएगा। एरीज के निदेशक डा. अनिल पांडे के अनुसार उस दिन तक कोणीय दूरी बढ़ जाने और मंगल पर चल रही धूल भरी आंधी के कारण इसकी चमक कुछ घट जाएगी। मंगल की यह नजदीकी 7 सितंबर तक रहेगी। पांडे ने बताया कि मंगल सारी रात नजर आकर सुबह पश्चिम दिशा में अस्त हो रहा है। यह एक रोचक तथ्य है कि मंगल ग्रह पृथ्वी के निकटतम कभी आ पाएगा या नहीं इसे लेकर वैज्ञानिकों में संशय है।
विज्ञापन
धरती
- फोटो : getty
ऐसे समझें मंगल-पृथ्वी की दूरी का रिश्ता
मंगल और पृथ्वी निकट के पड़ोसी भले ही हैं लेकिन आम इंसानों की तरह इन पड़ोसियों में भी नजदीकी और दूरी के समीकरण बनते रहते हैं। नासा का प्लूटो के लिए न्यू होराइजन मिशन 2015 में वहां पहुंचा था। 58 हजार किमी प्रति घंटे की गति वाला यह उस वक्त सबसे तेज गति का यान था। यदि इस यान से मंगल ग्रह जाएं तो मंगल के सर्वाधिक निकट होने की आदर्श स्थिति में वहां पहुंचने में 39 दिन, ज्ञात इतिहास की सबसे कम दूरी की स्थिति में 41 और इसके सर्वाधिक दूर होने पर 289 दिन लगेंगे।
मंगल और पृथ्वी निकट के पड़ोसी भले ही हैं लेकिन आम इंसानों की तरह इन पड़ोसियों में भी नजदीकी और दूरी के समीकरण बनते रहते हैं। नासा का प्लूटो के लिए न्यू होराइजन मिशन 2015 में वहां पहुंचा था। 58 हजार किमी प्रति घंटे की गति वाला यह उस वक्त सबसे तेज गति का यान था। यदि इस यान से मंगल ग्रह जाएं तो मंगल के सर्वाधिक निकट होने की आदर्श स्थिति में वहां पहुंचने में 39 दिन, ज्ञात इतिहास की सबसे कम दूरी की स्थिति में 41 और इसके सर्वाधिक दूर होने पर 289 दिन लगेंगे।