देहरादून के एक फ्लैट में 2018 के अंत में हुई एक प्रेमी जोड़े की मौत की कहानी साल 2019 में पुलिस ही नहीं सबके लिए मिस्ट्री बनी रही। पूरे साल इस केस में कई नए मोड़ आए लेकिन दोनों की मौत की गुत्थी आज भी पुलिस नहीं सुलझा पाई है। इस पूरे साल ये केस सुर्खियों में छाया रहा। चलिए जानते हैं कि कैसे इस प्रेमी जोड़े की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत हुआ था।
18 दिसंबर 2018 की रात कशिश और कृष्णा की प्रेम कहानी का दुखद अंत हुआ था। राजपुर स्थित इंफिनिटी कांप्लेक्स के एक फ्लैट के बंद कमरे में कृष्णा फांसी के फंदे पर लटका मिला था। उसकी प्रेमिका कशिश की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी। दरवाजा तोड़कर दोनों के शवों को बाहर निकाला गया था। फ्लैट से मिले खून के धब्बों से पता चला था कि कृष्णा ने खुदकुशी के लिए अपने हाथ की नस काटने की कोशिश की थी, लेकिन आखिर में फंदे का इस्तेमाल किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कृष्णा की मौत की वजह हैंगिंग आई थी। कशिश की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। लिहाजा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने उसका विसरा संरक्षित किया था। 2019 में दून के पंडितवाड़ी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई विसरा रिपोर्ट ने कशिश की मौत की गुत्थी को और उलझा दिया है। रिपोर्ट में किसी तरह के जहरीले अथवा नशीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठने लाजिमी हैं कि आखिरकार कशिश की मौत कैसे हुई थी। अब शायद ही इसका जवाब मिल पाए।
घटना के समय यह बताया गया था कि कृष्णा ने कशिश की हत्या करने के बाद अपनी जान दी थी। कांप्लेक्स के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह तो साबित हो गया था कि घटना के समय फ्लैट पर कृष्णा और कशिश के अलावा कोई तीसरा नहीं आया था। लेकिन अब दोनों की मौत का राज दफन हो गया है। चिकित्सकों के विसरा संरक्षित करने के बाद यह आशंका जताई गई कि हो सकता है कि पेय पदार्थ में तो कशिश को कोई नशीला अथवा जहरीला पदार्थ दिया गया हो, लेकिन विसरा रिपोर्ट आने के बाद यह आशंका भी गलत साबित हुई है।
पुलिस के साथ कशिश से जुड़ा हर शख्स यही जानना चाहता था कि आखिर कृष्णा का मर्डर कैसे हुआ? कशिश की मौत के मामले में पुलिस की थ्योरी पहले दिन से मुंह पर तकिया दबाकर मारने की थी। पुलिस ने इसी दिशा में अपनी जांच भी शुरू की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सामने न आने पर पुलिस ठिठक गई थी।