उत्तराखंड के रामनगर में हाथियों का उत्पात कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मोहान रपटे के पास एक बार फिर सड़क पर आए हाथी के कारण रोडवेज बस में सवार 34 यात्रियों की जान पर बन आई। हाथी ने बस का शीशा तोड़ अंदर सूंड़ डालकर चालक को खींचने का प्रयास किया।
सीट से हट जाने के कारण चालक तो बच गया, लेकिन हाथी ने सूंड़ से गियर खींचा तो बैक गियर लग गया। इससे बस पीछे की ओर दस मीटर दूरी तक चली गई। इस कारण यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चालक ने तेजी से हैंडब्रेक लगाकर बस को रोका, तब लोगों की जान में जान आई।
3 of 6
फाइल फोटो
- फोटो : pexels.com
रोडवेज बस यूके-07पीए-3160 गुरुवार सुबह दिल्ली से मानिला जा रही थी। तड़के चार बजे यह बस मोहान रपटे के पास पहुंची तो बीच सड़क पर हाथी को खड़ा देख चालक हरीश चंद्र ने बस रोक दी। परिचालक उत्तम सिंह ने यात्रियों से मौन रहने को कहा। इसी बीच हाथी ने बस पर सूंड़ मारी तो बस के शीशे में क्रैक आ गया।
हाथी ने बंपर समेत चालक की सीट पर बैक मिरर तोड़ डाला और फिर बस के अंदर सूंड़ डालकर चालक को खींचने का प्रयास किया। चालक झट से सीट से उठ गया तो सूंड़ की चपेट में आने से बच गया। इसके बाद हाथी ने सूंड़ से स्टार्ट बस के गियर को खींच दिया। जिससे अनियंत्रित बस करीब दस मीटर पीछे की ओर चली गई। इससे सहमी सवारियों में चीख-पुकार मच गई।
चालक ने हैंड ब्रेक लगाकर बमुश्किल बस रोकी। कुछ देर बाद हाथी साइड से आकर बस में खाने का सामान खोजने लगा। इसलिए चालक ने बस को दौड़ा दिया। मानिला से लौटने के बाद चालक ने वर्कशॉप में बस को ठीक करा स्टेशन प्रभारी नवीन आर्या, फोरमैन मोहम्मद यामीन को घटनाक्रम की जानकारी दी।