वीकेंड पर ऋषिकेश में वाहनों का रेला आने से हाईवे, बाईपास और आंतरिक मार्गों पर जाम लग गया। इससे वाहन रेंग-रेंगकर कर चलते रहे। पशुलोेक बैराज से पीपलकोटी तक 30 किलोमीटर तक वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वहीं, नटराज चौक से ब्रह्मपुरी तक भी जाम की स्थित बनी रही। करीब आठ किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को दो घंटेे से अधिक लग गए।
Uttarakhand: वीकेंड पर आया वाहनों का रेला, 30 किमी तक रेंग-रेंगकर चले, टूरिस्ट की उमड़ी भीड़...देखें तस्वीरें
साहब...नीरगड्डू वाटर फॉल का रास्ता कहां से है
भद्रकाली से आगे ब्रह्मानंद मोड़ पर साइनबोर्ड न लगाए जाने से दिल्ली-हरियाणा से आने वाले वाहन चालक अपने वाहनों को बीच सड़क पर रोककर पुलिस जवानों को नीरगड्डू वाटर फॉल, ब्रह्मपुरी, गरुड़चट्टी, नीलकंठ, लक्ष्मणझूला जाने का रास्ता पूछ रहे थे। इससे पीछे से आ रहे वाहनों की गति रुक रही थी।
यातायात पुलिस के पास साइनबोर्ड बनाने के लिए बजट नहीं है। चौक चौराहों पर साइनबोर्ड लगवाने के लिए जिलाधिकारी टिहरी से मांग की गई थी। साइनबोर्ड लगाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं से संपर्क किया जाएगा। जल्द ही चौक-चौराहों पर साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। - सुरेंद्र प्रसाद बलूनी, नोडल अधिकारी, यातायात पुलिस
वहीं वीकेंड पर धर्मनगरी में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हाईवे के साथ ही शहर के अंदर भी भीषण जाम लग गया। यातायात का दबाव बढ़ता देख पुलिस ने रुड़की और हरिद्वार में रूट डायवर्ट कर दिया। हालांकि इससे भी ज्यादा रहात नहीं मिल सकी। दिनभर जाम की समस्या से वाहन सवारों के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। जबकि शहर की सभी पार्किंग वाहनों से खचाखच भर गई।
दरअसल शुक्रवार की रात से ही पश्चिम उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ के लोग हरिद्वार घूमने और गंगा दर्शन के लिए रवाना शुरू हो जाते हैं। ऐसे में शनिवार तड़के से हाईवे के साथ ही शहर में वाहनों का दबाव बढ़ने लगा था। देर रात तक वाहनों के आने का सिलसिला लगा रहा। ऐसे में दिनभर वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे।
पुलिस-प्रशासन ने व्यवस्था संभालने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों को तैनात किया। इसके अलावा रुड़की में नगला इमरती से वाहनों को डायवर्ट कर हरिद्वार की तरफ भेजा गया। जबकि देहरादून, ऋषिकेश से आने वाले वाहनों को सप्तऋषि से गीता कुटीर की ओर से भेजा गया। गुरुकुल कांगड़ी के पास फ्लाईओवर से भेजते हुए सिंहद्वार से बैरागी कैंप में वाहनों को भेजा गया।
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