उत्तरकाशी पुरोला में उपजे विवाद को लेकर 52 पूर्व नौकरशाहों ने मुख्य सचिव और डीजीपी को एक खुला पत्र लिखा है। जिसमें राज्य में सांप्रदायिक स्थिति पर तत्काल कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया है। अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं के पूर्व नागरिक सेवक रहे इस 52 पूर्व नौकरशाहों के समूह ने चिंता जाहिर की है।
Uttarkashi Love Jihad: पुरोला विवाद गरमाया... 52 पूर्व नौकरशाहों ने मुख्य सचिव और डीजीपी को लिखा पत्र
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पुरोला, बड़कोट और संभवतः अन्य स्थानों में मुसलमान दुकानदार अपनी दुकानों को छोड़ चुके हैं। मीडिया में उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर, हम इस निष्कर्ष को अनदेखा नहीं कर सकते कि यह चल रहा अभियान एक आपराधिक उद्यम है जिसका उद्देश्य स्पष्ट रूप से हमारे नागरिकों को धमकाना है।
हालांकि जिला प्रशासन ने पुरोला में 15 जून को होने वाली महापंचायत करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। एसपी यदुवंशी ने कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो धारा 144 लागू की जाएगी। जिसकी लगभग पूरी तैयारी कर दी गई है।
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दूसरी तरफ जौलीग्रांट डोईवाला पुलिस की भाजपा और हिंदू संगठनों के साथ भानियावाला के बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बुधवार को होने वाली महापंचायत को लेकर चर्चा की गई। पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच हुई वार्ता के बाद बुधवार शाम सोमेश्वर महादेव मंदिर में होने वाली महापंचायत को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।