उत्तराखंड में इस बार सर्दियों में लगी आग ने फायर सीजन का रिकार्ड तोड़ दिया। फायर सीजन में कुल 156 मामले सामने आए थे जबकि मौजूदा समय में ही 236 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, सर्दियों की आग धीमी है और बड़े मामले सामने नहीं आ रहे हैं। लंबे समय बाद मंगलवार का दिन ऐसा रहा जिसमें जंगल की आग की कोई घटना सामने नहीं आई।
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उत्तराखंड के जंगल में लगी आग से उठता धुंआ
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वन विभाग के अनुसार सर्दियों में जंगल की आग का संबंध बारिश से तो है ही। इसके अलावा एक कारण लॉकडाउन की अवधि में जंगलों में पूरी तरह से आवाजाही भी बंद रही। लॉकडाउन का भी समय वही था जो फायर सीजन का था। प्रदेश में प्राकृतिक कारणों से आग लगने के न के बराबर मामले सामने आते हैं।
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उत्तराखंड के जंगलों में आग
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
लॉकडाउन में आवाजाही न होने से जंगलों में पिरुल और अन्य खरपतवार अधिक जमा हुई। सर्दियों में बारिश नहीं हुई और इस वजह से जंगलों में नमी कम होने से आग के मामले अब ज्यादा सामने आ रहे हैं।
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उत्तराखंड के जंगल में लगी आग बुझाते लोग
मुख्य वन संरक्षक और वनाग्नि नियंत्रण के नोडल अधिकारी मान सिंह के मुताबिक सर्दी के कारण आग सेंकना सामान्य बात है लेकिन जंगल में इस आग को बुझाए बिना छोड़ जाना भी आग का सबब बन जाता है। वन विभाग की ओर से इस मामले में लोगों को सतर्क रहने को कहा जा रहा है।
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जंगल में आग के बाद उठता धुंआ
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मुख्य वन संरक्षक के मुताबिक फायर लाइन का काम नवंबर में शुरू कर दिया गया था। यह काम फायर सीजन शुरू होने से पहले पूरा करना है। परेशानी बनी जंगल की आग से बारिश होने के कारण वन महकमे को राहत मिली है। वन अधिकारियों का कहना है कि अब तक की कुल बारिश से जंगलों में कुछ समय तक नमी बनी रहेगी और आग की कम घटनाएं अब सामने आएंगी।