उत्तराखंड में रेड अलर्ट: मौसम विभाग की चेतावनी, लेकिन कम हो रहीं 2013 जैसी आपदा के हालात होने की संभावनाएं
Uttarakhand Weather: निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि बारिश का सिस्टम भी कमजोर हुआ है। इससे बारिश तो होगी, लेकिन 2013 जैसी आपदा के हालात होने की संभावनाएं कम होती जा रहीं हैं।
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राज्य में मौसम विभाग के द्वारा एक बार फिर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि अगले दो दिनों तक भारी भारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य में 18 और 19 अक्तूबर को राज्यभर में भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारी बारिश
निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि अगले दो दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। पश्चिम विक्षोम का असर हल्का पड़ गया है। बारिश का सिस्टम भी कमजोर हुआ है। इससे बारिश तो होगी, लेकिन 2013 जैसी आपदा के हालात होने की संभावनाएं कम होती जा रहीं हैं। हालांकि प्रशासन और पुलिस को अलर्ट किया गया है।
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उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण मैदानी जिलों में नदियों का जलस्तर काफी बढ़ सकता है। लगभग सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। इसलिए लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। साथ ही लोगों को दो दिन तक सफर न करने के लिए भी कहा गया है।
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मौसम विभाग का भारी बारिश का अलर्ट
बता दें कि उत्तराखंड में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोमवार और मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं सोमवार को राजधानी देहरादून समेत प्रदेशभर में बारिश हो रही है। अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।
चारधाम समेत पहाड़ी क्षेत्रों में चल रहीं यात्राओं पर भी असर
अलर्ट के अनुसार 18 और 19 अक्तूबर को भी ज्यादातर जगह पर बारिश होने के आसार जताए गए हैं। 18 अक्तूबर को इन जिलों में तेज बारिश के साथ कई जगह ओलावृष्टि और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान भूस्खलन, जलभराव होने, गाड़-गधेरों में बाढ़ आने और ओलावृष्टि से फसलों और जानवरों को नुकसान होने की भी चेतावनी जारी की है। इससे चार धाम समेत पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही यात्राओं पर भी असर पड़ सकता है।