उत्तराखंड से लगी चीन सीमा को जोड़ने वाली माणा पास सड़क को खोलने के लिए इन दिनों सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) बर्फ हटाने में जुटा है। यहां सर्दी के बाद से ही बड़े-बड़े हिमखंड पसरे हैं। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि मार्च के आखिरी तक चीन सीमा तक सड़क को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। अभी तक 10 किमी तक बर्फ हटाई जा चुकी है।
माणा से आगे माणा पास सड़क सीमा को जोड़ती है। अत्यधिक ऊंचाई वाला इलाका होने के कारण यहां सर्दियों में भारी बर्फ जमने से हाईवे बंद हो जाता है। माणा गांव से चीन सीमा तक सड़क की दूरी करीब 50 किमी है। बीआरओ इन दिनों इस मार्ग से बर्फ हटाने का काम कर रहा है और अभी करीब 40 किमी बर्फ हटाई जानी बाकी है।
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बीआरओ की टीम इन दिनों बलवान नाले के पास बर्फ हटाने में जुटी है। बीआरओ के चीफ इंजीनियर आशु सिंह राठौर ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह तक सड़क को अंतिम बॉर्डर तक खोल दिया जाएगा। इस साल पूरे सर्दी के सीजन में बीआरओ सीमा की सड़कों से बर्फ हटाने का काम करता रहा है।
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माणा पास से बर्फ हटाते बीआरओ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने की संभावनाओं के चलते अगले चार दिन मौसम में बदलाव के आसार हैं। शुक्रवार शाम को पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश व बर्फबारी हो सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश व बर्फबारी और शेष जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
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माणा पास से बर्फ हटाते बीआरओ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार से सोमवार तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश व बर्फबारी और शेष जिलों में गर्जन के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मौसम विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट भेजा है।
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माणा पास से बर्फ हटाते बीआरओ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर पिछले साल विशालकाय हिमखंड आए हुए थे। लेकिन इस साल बहुत कम बर्फ है। हेमकुंड साहिब का निरीक्षण करने गया दल मौसम खराब होने के कारण आधे रास्ते से ही लौट आया है। दल ने बताया कि मार्ग पर बहुत कम बर्फ है।
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माणा पास से बर्फ हटाते बीआरओ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल आस्था पथ पर 150 से 200 फुट लंबे हिमखंड पसरे हुए थे, लेकिन इस साल ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है, जिससे यात्रा मार्ग खोलने में दिक्कत नहीं होगी। हालांकि हेमकुंड साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं को बर्फ भी कम ही देखने को मिलेगी।