पहाड़ों की रानी मसूरी में तीसरे दिन गुरुवार को भी जमकर बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, मालरोड में बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया। इससे भी लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं।
Uttarakhand: दोपहर बाद बिगड़ा मौसम, पहाड़ों में बारिश और ओलावृष्टि, मैदान में चली ठंडी हवाएं
शहर में तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित कर दिए हैं। गुरुवार को भारी ओलावृष्टि से कई जगह ओलों की सफेद चादर बिछ गई। इसके साथ ही ठंड लौट आई। मालरोड में कीचड़ बढ़ जाने से लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया।
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मसूरी में ओलावृष्टि
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच केवल एक राहत मिली कि धूल उड़ने की समस्या बंद हो गई। कैंपटी रोड रेंस्टोरेंट संचालक राजेश सजवाण ने कहा कि आज की ओलावृष्टि से हर जगह ओलों की सफेद चादर नजर आ रही है।
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मसूरी में ओलावृष्टि
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ओलावृष्टि से आम सहित कई फसलों का भी नुकसान हुआ है। एलबीएस अकादमी क्षेत्र निवासी अतुल गर्ग में बताया कि आज की बारिश और ओलावृष्टि से ठंड तेजी से लौट आई है।
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मसूरी में ओलावृष्टि
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वहीं, मौसम विभाग ने अगले पांच दिन मौसम में उलटफेर की संभावना जताई है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है।
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मसूरी में ओलावृष्टि
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मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में 16 से 20 फरवरी तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही ओलावृष्टि और बिजली गिरने से जान-माल के खतरे की संभावना बन सकती है। वहीं, मैदानी इलाकों में भी इसका असर देखने को मिलेगा।