चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर शुक्रवार दोपहर बाद लखनपुर और नजंग के बीच पहाड़ी दरकने से भूस्खलन हुआ है। इस कारण सड़क यातायात के लिए फिर बंद हो गई है और चीन सीमा के निकटवर्ती गांवों का शेष जगत से संपर्क कट गया है। चीन सीमा को जोड़ने वाली यह सड़क पिछले दिनों मलघाट में भूस्खलन के कारण बंद हो गई थी। भूस्खलन के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि किसी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
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बारह दिन बाद बुधवार देर शाम इस सड़क पर यातायात सुचारु हो सका था। दो दिन बाद शुक्रवार दोपहर बाद चार बजे लखनपुर और नजंग के बीच तम्पा मंदिर के पास अचानक पहाड़ी दरक गई।
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तवाघाट लिपुलेख सड़क पर भूस्खलन
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ी जैसे ही खिसकी पूरा क्षेत्र धूल के गुबार से भर गया और सड़क फिर बंद हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भागकर जान बचाई। सड़क बंद होने से व्यास घाटी के सात गांवों का संपर्क कट गया है।
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तवाघाट लिपुलेख सड़क पर भूस्खलन
- फोटो : अमर उजाला
प्राइवेट टूर ऑपरेटर के माध्यम से आदि कैलाश यात्रा पर गए 50 यात्री बुंदी में फंस गए हैं। इस सड़क के एक बार फिर बंद होने से सीमांत के लोगों के साथ ही सीमा चौकियों में तैनात जवानों और पर्यटकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। सड़क के जल्दी खुलने की संभावना नहीं है। बीआरओ शनिवार से चट्टानें हटाने का काम शुरू करेगा।
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तवाघाट लिपुलेख सड़क पर भूस्खलन
- फोटो : अमर उजाला
उधर, मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल में अगले 24 घंटे में भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन जिलों में जहां कहीं भारी बारिश की आशंका है, वहीं कुछ इलाकों में तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने और बिजली गिरने की भी संभावना है।
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तवाघाट लिपुलेख सड़क पर भूस्खलन
- फोटो : अमर उजाला
इन जिलों में भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन से जुड़े अफसरों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। दून के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे। दोपहर बाद कुछ इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम बारिश की संभावना है।