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उत्तराखंडः हरिद्वार महाकुंभ पर तीरथ ने अपनाया त्रिवेंद्र से उलटा रास्ता, क्या रहा अंतर, यहां पढ़ें

Mon, 15 Mar 2021 12:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 15 Mar 2021 12:17 PM IST
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Uttarakhand news: Tirath adopted reverse path from Trivandra at Haridwar Mahakumbh
तीरथ ने अपनाया त्रिवेंद्र से उलटा रास्ता - फोटो : ट्विटर

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार से उलट तीरथ सरकार चाहती है कि कुंभ में जो आना चाहता है वह बिना रोकटोक आए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सरकार की कोशिश थी कि लोग कम आएं। इससे भीड़ और कोरोना दोनों का ही प्रबंधन आसान हो जाता। कोरोना संक्रमण के मामलों में अब इजाफा हो रहा है। इतना होने पर भी अप्रैल के मुख्य स्नान पर्वों पर लाखों लोगों के जुुटने की संभावना है। इसी को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने लोगों के कम से कम आगमन की नीति अपनाई थी। केंद्र की भी मंशा यही थी और इसीलिए कुंभ की अवधि सीमित की गई और आरटीपीसीआर टेस्ट की बात की गई थी। इसके उलट नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जोखिम उठाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। तीरथ अपनी तरफ से साधु संतों के बीच भी कह आए हैं कि कुंभ भव्य होगा और खुद भी कुंभ के पहले शाही स्नान पर संतों के बीच गए थे। तीरथ सरकार अब श्रद्धालुओं का स्वागत करने की हर संभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के देवस्थानम बोर्ड मामले में पुनर्विचार करने संबंधी बयान पर चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों व हकहकूकधारियों में खुशी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान का स्वागत किया है। सोमवार को उनका एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और उनका आभार व्यक्त करेंगे। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि लंबे समय से राज्य सरकार एवं तीर्थ पुरोहितों के बीच गतिरोध कायम था, जिसको मुख्यमंत्री के मीडिया में आए ताजा बयान के बाद टूटने के आसार बढ़ गए हैं।

Uttarakhand news: Tirath adopted reverse path from Trivandra at Haridwar Mahakumbh
11 मार्च को 32 लाख लोगों ने स्नान किया था - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
नई नीति में सबसे बड़ी चुनौती कोरोना विस्फोट की आशंका से बचने की है। जितने अधिक लोग आएंगे, कोरोना संक्रमण का खतरा उतना अधिक बढ़ेगा। इससे अभी तक हुए दो स्नानों में कोरोना के मामले सामने न आने से सरकार राहत में हैं। इससे पहले एक स्नान में 45 लाख लोग आए थे और महाशिवरात्रि के स्नान में 11 मार्च को 32 लाख लोगों ने स्नान किया था। 
 
Uttarakhand news: Tirath adopted reverse path from Trivandra at Haridwar Mahakumbh
तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

सरकार की ओर से भीड़ प्रबंधन की पहली योजना का संकेत खुद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को दिया। उन्होंने कहा कि लोगों से अपील की जा सकती हैं कि वे आएं, स्नान करें, धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हों और वापस लौट जाएं। 
 

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Uttarakhand news: Tirath adopted reverse path from Trivandra at Haridwar Mahakumbh
तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

यह भी हो सकता है कि मुख्य स्नान पर्वों पर लोगों को एक जगह रुकने न दिया जाए। उनसे कहा जाए कि वे आएं, स्नान करें और जाएं। 12 साल बाद का महाकुंभ है। कोविड को देखते मास्क, दो गज की दूरी, अन्य नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाए। नियमों का व्यवहारिक पक्ष देखा जाए।
- तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

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त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

त्रिवेंद्र सरकार की नीति 
1. कुंभ में लोगों का सुविधाएं दी जाएं, लेकिन लोग सीमित संख्या में आए जिससे कोरोना विस्फोट का खतरा कम से कम हो
2. अन्य राज्यों से बसें न लगाई जाएं, स्पेशल ट्रेन न चले
3. कुंभ की अवधि कम से कम हो
4. आरअीपीसीआर टेस्ट भी डिटेरेंट (बाधा) का काम करेगा। टेस्ट की व्यवस्था की जाए। लोग अपने साथ कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लेकर आएं।

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