उत्तराखंड में कीर्तिनगर के मढ़ी चौरास क्षेत्र में बिजली का तार हटा रहे नेपाल निवासी एक मजदूर की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मजदूर के साथियों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लाइनमैन ने शटडाउन नहीं लिया। इसलिए हादसा हुआ। उन्होंने मृतक के परिजनों को ठेकेदार और ऊर्जा निगम से मुआवजा दिलाने की मांग की।
इन दिनों ऊर्जा निगम चौरास क्षेत्र में गढ़वाल विवि के परिसर के बाहर बंद पड़ी बिजली लाइन को हटाने का काम कर रहा है। बृहस्पतिवार को मजदूर यहां काम कर रहे थे। इसी दौरान पोल से तार हटाते हुए 21 वर्षीय सुरेश रसाली पुत्र दिल बहादुर निवासी दईलेख नेपाल हाल निवास कोटेश्वर (श्रीनगर) बिजली की लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई।
सूचना मिलने पर एसडीओ कीर्तिनगर अनिल सिंह कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। मजदूरों ने बताया कि एक ही पोल पर दो लाइन जुड़ी हैं। लाइनमैन ने एक लाइन का शटडाउन नहीं लिया, जिससे सुरेश की मौत हो गई। मजदूरों ने विरोध करते हुए मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलने के बाद शव उठाने की बात कही। हालांकि बाद में मजदूर मान गए।
एसडीओ अनिल ने बताया कि मामले की जांच होगी। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच के उपरांत मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। इधर, कोतवाली कीर्तिनगर की एसएसआई रेखा दानू ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
मृतक मजदूर सुरेश का परिवार नेपाल में रहता है। उसका नौ माह का एक बेटा है और पत्नी गर्भवती है। वह पिछले कई सालों से ठेकेदार के साथ बिजली का काम कर रहा था। सुरेश का छोटा भाई भी साथ में काम करता है। जब उसने अपने भाई का शव देखा, तो वह बेहोश हो गया। होश में न आने पर उसे अस्पताल भर्ती किया गया।