प्रदेश की पहली आर्ट गैलरी ‘उत्तरा समकालीन कला संग्रहालय’ बुधवार को कला प्रेमियों के लिए खुल गई। आर्ट गैलरी की दीवारों में सजी पेंटिंग और प्रदर्शनी हॉल में लगी कलाकृतियां वर्ष 2013 की आपदा के दर्द को बयां करती हैं। तस्वीरों में देखिए...
इस आर्ट गैलरी को देख सबकी आंखों में उमड़ आया केदारनाथ आपदा का दर्द, तस्वीरों में देखिए...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैलरी का उद्घाटन किया। उन्होंने ने कहा कि आर्ट एक ऐसी कला है जिसे कलाकार अपनी भावनाओं से उकेरता है। दून में आर्ट गैलरी खुलने से उत्तराखंड के चित्रकारों को एक बेहतर मंच मिल सकेगा। गैलरी में चित्रकारों को सीखने के साथ प्रेरणा भी मिलेगा।
हॉल के बीच पहाड़ की शैली में पत्थर और लकड़ी का मकान बनाया है, जो आपदा की जद में दर्शाया है। आपदा के मलबे से मकान का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। मकान के हर कोनों में सूखे मक्के लटके हैं, जो पहाड़ की कृषि आधारित जीवन शैली को दर्शाता है। मकान के ठीक सामने एक विद्युत खंभा भी बनाया गया है, आपदा में उसे टूटते हुए दिखाया गया है। मकान के दरवाजे और खिड़कियां खुली हैं, जो दर्शाता है कि आपदा के वक्त लोग अपना घर एवं सामान छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर पलायन कर गए थे।
हॉल में पहाड़ की संस्कृति से जुड़ा ढोल (वाद्य यंत्र) और एक टोकरी में सेव की कलाकृतियां भी बनाई हैं। इसी हॉल में एक हेलीकाप्टर की कलाकृति भी बनी है, जो आपदा के वक्त फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए उड़ान भरने के इंतजार में खड़ा है। हॉल की दीवारों में हर पेंटिंग में केदार घाटी से लेकर आपदा प्रभावित इलाकों का दर्द झलकता है।
घंटाघर स्थित गैलरी के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ महीनों पहले चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी उनसे मिले और आपदा की स्मृतियों को आर्ट गैलरी के रूप में प्रदर्शित करने का सुझाव साझा किया। सुरेंद्र पाल जोशी का सुझाव सुनते ही उन्होंने सहमति दे दी। उसी वक्त एमडीडीए के उपाध्यक्ष विनय शंकर पांडे से आर्ट गैलरी के लिए आधारभूत ढांचा खड़ा करने की बात कही। प्राधिकरण ने कुछ महीनों में ही शानदार आर्ट गैलरी तैयार कर कला प्रेमियों को समर्पित कर दी है।