उत्तराखंड में शनिवार को अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसों के बाद अस्पतालों और गांवों में चीख-पुकार का माहौल रहा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में नौ लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
Uttarakhand: हादसों का दिन, अलग-अलग दुर्घटनाओं में नौ लोगों की मौत, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
शनिवार का दिन उत्तराखंड में काला दिन रहा। अलग-अलग दुर्घटनाओं में नौ लोगों की चली गई। कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ टूट गया।
घायलों को तुरंत तीन एम्बुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मृतकों के शवों को भी खाई से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है, और पुलिस द्वारा अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों की पहचान लक्ष्मी दामोदर रामटेककर (67) निवासी नागपुर, महाराष्ट्र और दामोदर हरीराम जी रामटेककर (77) निवासी नागपुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। वहीं, दुर्घटना में घायल हुए यात्रियों में विमल कुमार ( 61) निवासी भुवनेश्वर, ओडिशा, उपासना (54) निवासी भुवनेश्वर, ओडिशा और वाहन चालक यशवीर (35) निवासी पंजाब शामिल हैं।
रुद्रप्रयाग: ऊखीमठ तोड़ीधार-पैलिंग मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा, महिला समेत तीन लोगों की मौत, दो घायल
ऊखीमठ के तोड़ीधार-पैलिंग मोटर मार्ग पर कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए भेजा गया है। कोतवाली ऊखीमठ क्षेत्र के भीरी-पेलिंग मोटर मार्ग पर शनिवार दोपहर एककार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। दुर्घटना में घायल हुए पांच लोगों को तत्काल अगस्त्यमुनि स्थित नजदीकी चिकित्सालय भेजा गया। पुलिस के अनुसार वाहन सड़क से करीब 50 फीट नीचे गिरकर एक पेड़ पर अटक गया था। हादसे में महेन्द्र सिंह (68), अंजन सिंह (42) और संगीता देवी (32) की मौत हो गई। वहीं रेशमा देवी, दक्षित (5), सान्वी (3), विहान (8) और वैभव (10) घायल हुए हैं। सभी मृतक और घायल उथिंड गांव के निवासी हैं।
चमोली में अनियंत्रित कार खाई में गिरी, दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत और तीन घायल
शनिवार सुबह करीब चार बजे लोहाजंग सड़क पर ल्वाणी के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इसमें बांक गांव के एक परिवार के तीन लोगों की अकाल मौत हो गई। जबकि एक छह वर्षीय बच्चा समेत तीन अन्य घायल हो गए। सभी लोग गांव में अपने परिजन की मौत पर अंत्येष्टि में शामिल होने देहरादून से गांव आ रहे थे। विकासखंड के बांक गांव के बुजुर्ग भजन सिंह की बीमारी का उपचार देहरादून में चल रहा था। गांव के खुशाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को शाम को भजन सिंह का निधन हो गया। उनके परिवारजन भजन का शव एंबुलेंस में और खुद दो कारों में सवार होकर बांक गांव के लिए आ रहे थे।
तीनों घायलों का उपचार के बाद एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा
शव लेकर आ रही एंबुलेंस देर रात एक बजे गांव पहुंचा, लेकिन ऋषिकेश में लगे जाम के कारण साथ में चल रहे बलबीर सिंह शनिवार को छह लोगों के साथ करीब चार बजे सुबह ल्वाणी के पास पहुंचे, यहां उनकी कार अनियंत्रित होकर करीब चार सौ मीटर खाई में गिरी। जिसमें बांक गांव के एक ही परिवार के बलवीर सिंह पुत्र नारायण सिंह (50), शांति देवी पत्नी बलवीर सिंह (38), आशीष पुत्र बलवीर सिंह (19) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं इसी गांव के कविता देवी पत्नी खुशाल सिंह (28), रोशनी पुत्री लक्ष्मण सिंह (19) , मयंक पुत्र खुशाल सिंह (6) पर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस-प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को एंबुलेंस व प्राइवेट वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया। यहां तीनों घायलों का उपचार के बाद एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। घायलों को लेने एयर एंबुलेंस व एम्स मेडिकल टीम करीब 10:45 में संगम मैदान पहुंची, एम्स की मेडिकल टीम ने करीब 15 मिनट उपचार के बाद घायलों को एम्स ले गए। वहीं तीनों मृतकों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में पोस्ट मार्टम कर शव को उनके परिजनों का सौंप दिया गया। तहसीलदार अक्षय पंकज, थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया, पूर्व विधायक डॉ. जीतराम, जिपंस उर्मिला बिष्ट, डीडी कुनियाल, महावीर बिष्ट , इंद्र सिंह राणा, डॉ कृपाल भंडारी, त्रिलोक बिष्ट आदि ने घटना पर दुख जताया है।