फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

योगी राज में UP पुलिस हुई 'मनमौजी', उत्तराखंड में घुसी और सरेआम कर दी फायरिंग

Mon, 29 Jan 2018 08:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 29 Jan 2018 08:30 AM IST
विज्ञापन
up police firing without knowing uttarakhand police
firing - फोटो : amar ujala

आमतौर पर आमजन ने मुठभेड़ का सीन फिल्मी पर्दे पर ही देखा था। धर्मनगरी रीयल मुठभेड़ की भी गवाह बनी। यकायक गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। आम लोग दहशत में आ गए थे।


 

up police firing without knowing uttarakhand police
firing
रोजाना की तरह हरिद्वार तहसील के पास रौनक थी पर तभी ऐसा कुछ हुआ कि हर कोई भौचक्का सा रह गया। एक स्विफ्ट कार को घेर रही तीन अलग अलग कारों में सवार लोगों ने जब फायरिंग शुरू की तब हर कोई अवाक रह गया। कोई अपनी दुकान के अंदर छिपकर ही नजारा देखता रहा तो किसी के कदम जहां के तहां ठिठक गए। इसी दौरान तेजी में स्विफ्ट कार रामनगर कालोनी के अंदर घुस गई, एक स्कूटर सवार बुजुर्गवार चपेट में भी आ गए। कई राउंड हुई फायरिंग का जब शोर थमा तब आमजन भी पीछे पीछे रामनगर कालोनी की तरफ दौड़ पड़े।

 
up police firing without knowing uttarakhand police
firing
दो युवकों पर काबू पाया जा चुका था, तीसरे को एक घर से दबोचा गया। जब गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने अपना परिचय दिया तब उन्हें घेर चुके आमजन की जिज्ञासा शांत हुई। हर कोई यही बोलता दिखा कि आज तक फिल्मी मुठभेड़ जरूर देखी थी लेकिन रीयल मुठभेड़ भी देखने को मिली। रामनगर के युवाओं ने घर में घुसे बदमाश मोहसीन को बुरी तरह से पीटा। यूपी पुलिस को भी आमजन को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। योगी राज में यूपी पुलिस के हाथ कितने खुले है इसका अंदाजा हरिद्वार में आकर मुठभेड़ को अंजाम देने से जाहिर हो जाता है। यूपी पुलिस के हौसले बेहद बुलंद है, इसलिए उन्होंने स्थानीय पुलिस का सहयोग लेना भी जरूरी नहीं समझा। ऑपरेशन को अंजाम देकर अपना टारगेट भी छू लिया, जब स्थानीय पुलिस पहुंची तब यूपी पुलिस के जवान पूरे ऑपरेशन को अंजाम दे चुके थे। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
up police firing without knowing uttarakhand police
firing
यूपी में अपराधियों की शामत आई हुई है। एक-एक कर मुठभेड़ में अपराधियों का सफाया करने में यूपी पुलिस जुटी है। बताया जाता है कि गाजियाबाद के उद्यमी अनिल अरोड़ा के अपहरणकांड को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी ओपी सिंह ने भी गंभीरता से लिया हुआ था। ऊपर से साफ आदेश था कि, हर हाल में उद्यमी जिंदा चाहिए। चाहे अपहरणकर्ता क्यों न मारे जाएं। यही वजह थी कि यूपी पुलिस ने दूसरे शहर में भी मुठभेड़ को अंजाम दे डाला। गनीमत रही कि कोई आमजन हताहत नहीं हुआ। इसका खुलासा भी टीम की अगुवाई कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर दिनेश यादव ने खुद पुलिस अधिकारियों के समक्ष किया। बोला कि, दो दिन से डीजीपी खुद सीधे संपर्क कर पल पल की रिपोर्ट ले रहे थे।
 
विज्ञापन
up police firing without knowing uttarakhand police
firing
यूपी पुलिस को पिछले 48 घंटे तक नौसीखिए अपहरणकर्ता छका रहे थे। वे बार बार अपनी लोकेशन भले ही बदल रहे थे, लेकिन ये नहीं जानते समझते थे यूपी पुलिस उनके पीछे पीछे ही है। हर छह घंटे के अंतराल में फिरौती की डिमांड कर अपनी मौजूदगी का अहसास करा रहे थे। इलेक्ट्रानिक्स सर्विलांस की बदौलत ही गाजियाबाद क्राइम ब्रांच इनके गिरेबां तक पहुंच पाई। 

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed