राजकुमार राव की फिल्म 'न्यूटन' रीलिज के दिन ही ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हो गई। इस बड़ी उपलब्धि के पीछे उत्तराखंड के बेटे का कमाल है।
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'न्यूटन' को ऑस्कर पहुंचाने में हैं उत्तराखंड के इस लाल का कमाल
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 25 Sep 2017 08:30 AM IST
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उत्तराखंड के एक और लाल ने अपनी प्रतिभा के दम पर देश-विदेश में राज्य का नाम रोशन किया है। भारत की ओर से ऑस्कर पुरस्कार के लिए भेजी जा रही आधिकारिक प्रविष्टि ‘न्यूटन’ फिल्म के को-राइटर मूल रूप से नैनीताल निवासी मयंक तिवारी हैं। करीब दस वर्ष पत्रकारिता करने के बाद फिल्म लेखन के क्षेत्र में उतरे मयंक इससे पहले रागिनी एमएसएस फिल्म की कहानी भी लिख चुके हैं।
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मूल रूप से नैनीताल निवासी मयंक के पिता सीबीआई में तैनात थे। उनका ननिहाल गंगोलीहाट क्षेत्र में है, जहां की सुंदरता उन्हें लुभाती रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल में हाईकोर्ट के पास उनका पैतृक घर है। उनकी पढ़ाई दिल्ली में हुई।
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इसके बाद उन्होंने करीब दस साल अंग्रेजी अखबारों में पत्रकारिता की। मयंक का कहना है कि मंदी के दौर में उनके कई साथियों की नौकरी चली गई, जिससे उनका मन पत्रकारिता से उचट गया।
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लेखन से प्यार था, इसलिए उन्होंने फिल्मों की कहानी लिखने पर फोकस किया। पहली फिल्म रागिनी एमएमएस की कहानी लिखी। जिसके बाद उन्होंने सुलेमानी कीड़ा फिल्म में स्क्रिप्ट राइटिंग के साथ-साथ एक्टिंग भी की। इसके बाद उन्होंने न्यूटन फिल्म में सह लेखक की भूमिका निभाई।