13 अगस्त हलियाली तीज का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। लेकिन इससे पहले ही देहरादून की महिलाओं ने हरियाली तीज मनाना शुरु कर दिया है।
आ गया सुहागिनों का पर्व, सज-धजकर कर रहीं पति की लंबी उम्र की कामना
तीज की खरीददारी के लिए बाजारों में भी रौनक हो गई है। फैंसी साड़ियों व चूड़ियों के साथ पूजन सामग्री की खरीददारी भी शुरू हो गई है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं पर्व रखकर भोलेनाथ, माता पार्वती की पूजा कर पति की दीर्घ आयु की कामना करती है।
शादी के बाद पहली तीज मनाने वालों के लिए इसका विशेष महत्व माना जाता है। इस मौके पर लड़कियों के मायके से सिंधारा जाता है। इसमें मिठाई, कपड़े, चूड़ियां आदि सामान भेजा जाता है। खुद मायके वाले सारे सामान को सुरक्षित बेटी के ससुराल क पहुंचाते हैं। सास और जेठानी सभी को यह सामग्री दी जाती है। आचार्य विपिन जोशी के अनुसार तीज का त्यौहार कृष्ण भगवान की लीला से संबंध रखता है। इस दिन भगवान को झूला झूलाते हैं। तीज सुहागिन महिलाएं मेंहदी लगाकर और सोलह श्रृंगार से सजकर व्रत और विधि विधान से पति की लंबी उम्र की कामना करती है।
द्रोणनगरी में इन दिनों तीज कार्यक्रमों की धूम है। शनिवार को शहर में कई जगह तीजोत्सव का आयोजन किया गया। जिनमें महिलाओं विभिन्न प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस मौके पर तीज क्वीन भी चुनी गईं। वहीं भारतीय वैश्य महासंघ की ओर से तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गीतों पर महिलाएं जमकर नाचीं। इस अवसर पर महिला महानगर अध्यक्ष रमा गोयल, महानगर महामंत्री विवेक अग्रवाल, प्रदेश संरक्षक नरेश बंसल, राजेश्या सिंघल, अजय कु मार गर्ग, राजेश गर्ग, सचिन गुप्ता, अमित कंसल, रविंद्र जैन, निरंजन प्रकाश आदि मौजूद रहे।
उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की ओर से संस्थापक अध्यक्षा ने कहा कि अब तीज महोत्सव जैसे कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण का रूप ले चुके हैं। इस कार्यक्रमों के जरिये महिलाएं जागरूक हो रही हैं। संस्था की ओर से ‘झूमें कजरी संग’ तीज थीम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अलग-अलग वर्गों में प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में तीज सुंदरी और तीज मल्लिका का भी चयन किया गया। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी, निर्णायक मंडल में निर्मल कौर, रचना पांधी शामिल रही।