वर्ष का पहला स्नान पर्व मकर सक्रांति के रूप में सोमवार को पड़ रहा है। इस पर्व का पुण्यकाल 15 जनवरी को बना रहेगा। रविवार को सूर्य पर्व लोहड़ी के साथ प्रारंभ हो जाएंगे। मकर सक्रांति से सूर्य का ताप तिल तिल बढ़ने लगेगा।
2 of 5
makar sankranti
- फोटो : AmarUjala
इस समय भगवान भास्कर धनु राशि में चल रहे हैं। धनु राशि का अंतिम पक्ष भीषण शीत लाने वाला माना जाता है। मान्यता है कि लोहड़ी और मकर सक्रांति पर जब तिल पर्व प्रारंभ होते हैं तब सूर्य का ताप तिल तिल बढ़ने लगता है। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ साथ पंजाब में लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
3 of 5
haridwar
- फोटो : instagram
हरिद्वार प्राचीनकाल से ही लोहड़ी मनाने की परंपरा है। सोमवार को सूर्य राशि में प्रवेश सायंकाल 7 बजकर 50 मिनट पर होगा। अलबत्ता पुण्यकाल 14 जनवरी को दोपहर बाद प्रारंभ हो जाएगा। इस पर्व का पुण्यकाल 15 जनवरी को पूरे दिन बना रहेगा।
ज्योति मर्यादाओं के अनुसार जो पर्व सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होता है वह अगले दिन सूर्योदय काल में भी बना रहता है। उदयकाल के पर्व पूरे दिन मनाए जाने हैं। प्रयाग का पहला कुंभ स्नान भी मकर सक्रांति के दिन होगा। गंगा आदि पवित्र नदियों के तीर्थों पर मकर सक्रांति के दिन लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं। धर्मनगरी हरिद्वार में देश के पर्वतीय अंचलों से तीर्थ यात्रियों का आगमन प्रारंभ हो गया है।
विशेष रूप से उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू कश्मीर से तीर्थ यात्री यहां पहुंच रहे हैं। मकर सक्रांति के दिन उत्तरायण भी शुरू हो जाएगा। उसी दिन से मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार शुरू होंगे। पौष मास के के चलते विवाहों पर लगा विराम भी समाप्त हो जाएगा। धनु सक्रांति पर एक महीने के लिए शुद्ध मुहूर्त बंद हो गए थे। अब 15 जनवरी से विवाह आदि मांगलिक कार्य विधिवत प्रारंभ हो जाएंगे।