21 जून को होने वाली सूर्य ग्रहण की घटना को आर्यभट्ट प्रेषण एवं शोध संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिक संस्थान के फेसबुक पेज और जूम एप की मदद से लाइव दिखाएंगे। इससे आप घर बैठे ही ग्रहण के नजारे को देख सकेंगे। एरीज के निदेशक प्रो. दीपांकर बनर्जी ने शुक्रवार को संस्थान में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। बनर्जी ने बताया कि 21 जून 2020 को पड़ने वाले वलयाकार सूर्य ग्रहण को अफ्रीका, एशिया और यूरोप के कुछ भागों से देखा जा सकता है।
21 जून को घर बैठे देखें सूर्य ग्रहण का दुर्लभ नजारा, क्या करें और किन चीजों से करें बचाव यहां पढ़ें...
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वहीं ग्रहण की चरम स्थिति को उत्तरी भारत से देखा जा सकेगा। ग्रहण सुबह 10:25 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:54 बजे समाप्त होगा। इससे पूर्व एक अन्य वलयाकार सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को भारत के दक्षिण भाग से देखा गया था। भारत से अगला वलयाकार सूर्यग्रहण 21 मई 2031 को देखा जा सकेगा, जबकि पूर्ण सूर्य ग्रहण 20 मार्च 2034 को होगा। खगोल प्रेमियों को 21 जून के सूर्य ग्रहण को फेसबुक पेज पर लाइव दिखाने के लिए एरीज में तैयारियां शुरू हो गई हैं। वार्ता में वरिष्ठ वैज्ञानिक रविंद्र कुमार यादव, डॉ. सौरभ, शोधार्थी रितेश और विभूति थे।
क्या है सूर्यग्रहण
एरीज के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडे ने बताया कि जब चंद्रमा, सूर्य को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है तो आंशिक, वलयाकार या पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना दृष्टिगत होती हैं। यह अमावस्या के दिन ही देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा की गोल छाया पृथ्वी पर पड़ती है, और अंधकारमय क्षेत्र बनाती है, जिसे अंब्रा कहा जाता है और अपेक्षाकृत कम अंधकारमय क्षेत्र पेनंब्रा कहलाता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण अन्य सूर्य ग्रहणों से अधिक दुर्लभ घटना है।
सूर्यग्रहण के दौरान क्या करें?
- सूर्य ग्रहण के लिए बने चश्मे या कैमरे में उचित फिल्टर लगाकर ही ग्रहण को देखें।
- पिन होल कैमरे या टेलीस्कोप से परदे पर ग्रहण का प्रतिबिंब देख सकते हैं।
- वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रहण के दौरान खाने-पीने, नहाने और बाहर जाने में कोई हानि नहीं है।
सूर्यग्रहण के दौरान क्या न करें
- सूर्य को सीधे कोरी आंखों से न देखें और ग्रहण को एक्स-रे फिल्म या साधारण चश्मे से भी नहीं देखना चाहिए।
- पेंट किए हुए शीशे से भी ग्रहण देखना सुरक्षित नहीं है।