ऐसा मंदिर, जहां नाम लिखकर चढ़ाने से मिल जाता है प्यार
देवभूमि उत्तराखंड पर कई देवी देवताओं की कृपा है, इस सबमें एक देवता ऐसे भी है जो केवल चिट्ठी में मुराद स्टांप पेपर पर लिखकर मंदिर में चढ़ाने से मुराद पूरी कर देते हैं। इतना ही नहीं मान्यता है कि ये सच्चे प्यार करने वालों को भी मिलाते हैं।
ऐसा मंदिर, जहां नाम लिखकर चढ़ाने से मिल जाता है प्यार
उत्तराखंड के गोलू देवता न्याय के देवता हैं। अल्मोड़ा, चंपावत और घोड़ाखाल में इनका पवित्र मंदिर स्थित है। जब लोगों की मुराद पूरी हो जाती है तो वह मंदिर में घंटियां चढ़ाकर जाते हैं। इन मंदिरों में लगी अनगिनत घंटियां यहां से किसी के भी खाली हाथ न जाने की गवाही देती हैं। गोलू देवता की कहानी भी बेहद अनोखी है।
ऐसा मंदिर, जहां नाम लिखकर चढ़ाने से मिल जाता है प्यार
गोलू देवता न्याय के देवता, श्री ग्वेल ज्यू बाला गोरिया, गौर भैरव, ग्वेल देवता के रूप में प्रसिद्व है। इनके मंदिर चम्पावत, चितई (अल्मोड़ा) तथा घोड़ाखाल (नैनीताल) में है। इनकी कथा कुछ इस प्रकार बतायी जाती है।
ऐसा मंदिर, जहां नाम लिखकर चढ़ाने से मिल जाता है प्यार
जनश्रुतियों के अनुसार चम्पावत में कत्यूरी व बंशीराजा झालूराई का राज था। इनकी सात रानियां थी लेकिन वे नि:सन्तान थे। राजा ने भैरव पूजा का आयोजन किया। भगवान भैरव ने स्वप्न में कहा कि मैं तुम्हारे यहां रानी से जन्म लूंगा।
ऐसा मंदिर, जहां नाम लिखकर चढ़ाने से मिल जाता है प्यार
एक दिन राजा शिकार करते हुए जंगल में बहुत दूर निकल गए। उन्हें प्यास लगी। दूर एक तालाब देखकर राजा ने ज्यों ही पानी को छुआ उन्हें एक नारी स्वर सुनाई दिया, 'यह तालाब मेरा है। तुम बिना मेरी अनुमति के इसका जल नहीं पी सकते।' राजा ने उस नारी को अपना परिचय देते हुए कहा- मैं गढ़ी चम्पावत का राजा हूं। मैं आपका परिचय जानना चाहता हूं। तब उस नारी ने कहा- मैं पंच देव देवताओं की बहन कलिंगा हूं। राजा ने उसके साथ शादी की।