शनि देव छह अप्रैल से जहां धनु राशि पर वक्री हो जाएंगे, वहीं 25 अगस्त को वृश्चिक राशि पर मार्गी होंगे। शनि की उल्टी चाल से बचने के लिए आप ये समाधान कर सकते हैं।
छह अप्रैल के बाद शनि की उल्टी चाल बढ़ाएगी परेशानी, ऐसे होगा समाधान
शनि की वक्री चाल महंगाई बढ़ाएगी, जिससे खाद्य पदार्थों में तेजी आएगी। ज्योतिषों के मुताबिक, इससे तूफान, बाढ़ समेत प्राकृतिक प्रकोपों से जन-धन की हानि हो सकती है। सूर्य पुत्र शनि देव को क्रूर ग्रह माना जाता है। इसे नवग्रहों में न्यायाधीश की पदवी मिलती है। शनि का वर्ण काला है। इनका वाहन कौआ है। शनि मकर और कुंभ राशि का स्वामी है।
उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार शनि जिस भाव में बैठते हैं, उसकी वृद्धि करते हैं। अनुचित कार्य करने वालों को समय आने पर दंड भी देते हैं।
डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में शनि शुभ बैठा है। उनके लिए वक्री शनि परेशानियां कर सकता है। ऐसे लोग इस अवधि में कोई नया कार्य शुरू न करें। लेन-देन में सावधानी बरतें। शनि ग्रह को दुख, संघर्ष, व्याधि, क्रोध- मृत्यु एवं दीर्घायु का कारक माना गया है।
शनि की वक्री चाल का प्रभाव
मेष- कार्य क्षेत्र में लाभ के लिए अधिक प्रयास करने होंगे। घरेलू व व्यवसायिक उलझने बढ़ेंगी।
वृष- नवम एवं दशम भाव का स्वामी शनि अकस्मात धन लाभ देगा। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष भाग दौड़ रहेगी
मिथुन- कार्यों में सफलता मिलेगी। परंतु संघर्ष अधिक रहेगा। नवीन कार्य की योजना बनेगी।
कर्क- चोट आदि का भय रहेगा। बनते कार्यों में विघ्न आएंगे। अपने लोग परायों जैसा व्यवहार करेंगे।
सिंह- शनि छठे व सातवें भाव का स्वामी होने से घरेलू परेशानियां व मानसिक तनाव रहेगा। विशेष परिश्रम से रुका हुआ कार्य बनेगा।
कन्या- स्वास्थ्य संबंधी कष्ट, उदर विकार, पैतृक संपत्ति पर विवाद हो सकता है। दांपत्य जीवन में मतभेद आएंगे।
तुला- विरोधी प्रबल रहेंगे। धन और सुख साधनों में वृद्धि होगी। क्रोध एवं उत्तेजना से कार्य बिगड़ सकता है।
वृश्चिक- गले एवं छाती संबंधी रोग। आर्थिक परेशानियों के कारण मन अशांत रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा।
धनु- संघर्षमयी परिस्थितियां रहेंगी। व्यर्थ भ्रमण एवं परिवार में कलह, क्लेश रहेगा।
मकर- कार्य-क्षेत्र में विशेष संघर्ष के बाद निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे। मानसिक चिंताएं रहेंगी।
कुंभ- आर्थिक कार्यों में रुकावटें। स्वास्थ्य कष्ट हो सकता है। परिवार में शुभ एवं धार्मिक कार्यों पर धन का व्यय होगा।
मीन- धर्म-कर्म में रुचि, गृह में मंगल कार्य संपन्न होगा। व्यय बढ़ेगा।