मौसम में गर्मी भले ही बढ़ रही हो, लेकिन देवभूमि की वादियां अभी भी बर्फ से सराबोर है। तृतीय केदार तुंगनाथ धाम व चोपता बुग्याल अब भी आठ फीट से अधिक बर्फ से ढका हुआ है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश के सैकड़ों पर्यटक बर्फ का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
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बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटक यहां राज्य पक्षी मोनाल व अन्य दुर्लभ पक्षियों का दीदार कर उत्साहित हो रहे हैं। बीते वर्ष दिसंबर माह से अभी तक क्षेत्र में कई बार बर्फबारी हो चुकी है, जिससे बनियाकुंड, दुगलबिट्टा, चोपता, तुंगनाथ व चंद्रशिला तक 8 से 10 फीट तक बर्फ मौजूद है। तृतीय केदार मंदिर परिसर बर्फ से लकदक है।
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बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर का मुख्य दरवाजा भी आधे से अधिक बर्फ से ढका हुआ है। इसके अलावा चोपता से तुंगनाथ मंदिर तक साढ़े तीन किमी पैदल मार्ग और निकट बुग्याली क्षेत्र में भी बर्फ का मैदान बना हुआ है, जिससे आवाजाही बमुश्किल से हो रही है। बावजूद प्रतिदिन देश-विदेश के सैकड़ों पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
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बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
लोग जहां मध्य हिमालय के इन शांत वादियों में बर्फ का जमकर लुफ्त उठा रहे हैं, वहीं, विचरण कर रहे राज्य पक्षी मोनाल, बर्फीला तीतर सहित अन्य दुर्लभ पक्षी भी डेरा जमए हैं। प्रसिद्ध बर्ड वाचर यशपाल सिंह नेगी के अनुसार,सर्दियों का सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
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बर्फबारी में मोनाल
- फोटो : अमर उजाला
मध्य हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रवास करने वाली पक्षियों की प्रजातियां भी निचले इलाकों से अपने क्षेत्रों में लौटने लगी है, जिस कारण इन दिनों तुंगनाथ व चोपता में मोनाल व अन्य पक्षी काफी संख्या में दिख रहे हैं।