सांप काटने से महज तीस प्रतिशत लोगों की मौत होती है, जबकि 70 फीसदी लोगों की मौत किसी और वजह से होती है।
फॉरेसिंक एक्सपर्ट की रिपोर्ट, सांप के काटने पर जहर से नहीं बल्कि इस वजह से मरते हैं 70% लोग
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डॉक्टरों की मानें तो लोग सांप के काटते ही दहशत में जान गंवा देते हैं। सांप काटने के बाद हुई मौत के बाद सिविल लाइंस में कराए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए हैं। फॉरेसिंक एक्सपर्ट के मुताबिक कई बार सांप काटने पर उसका जहर इंसान के शरीर में प्रवेश नहीं करता। कई बार जिस सांप ने काटा है, उसकी विष ग्रंथि में जहर ही नहीं होता है।
कई बार सांप ही जहरीला नहीं होता है, लेकिन अधिकांश मामलों में इंसान डर के कारण दम तोड़ देता है। अकेले रुड़की के जिला अस्पताल में महीने में सात से 10 सर्पदंश के मरीज पहुंचते हैं। डाक्टरों के मुताबिक ऐसे मामलों में सूझबूझ से इंसान की जान बचाई जा सकती है।
विश्व में विभिन्न प्रजाति के साढे़ तीन हजार सांप पाए जाते हैं। भारत में 52 प्रजाति के जहरीले सांप पाए जाते हैं। इन प्रजातियों को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला इलैपिड, दूसरा विप्रराइड व तीसरा सी स्नेक। अलग-अलग प्रजाति के सांपों के जहर का असर शरीर के अलग अलग हिस्सों में पड़ता है। साथ ही लक्षण भी भिन्न-भिन्न होते हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार सांप काटने की दहशत से जो मरीज मरते हैं। पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर में कोई जहर नहीं मिलता। मौत का कारण हाई ब्लड प्रेशर निकलता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण इंसान को ब्रेन हैमरेज हो जाता है। कई बार इंसान का दिल काम करना बंद कर देता है। ऐसे में इंसान की मौत हो जाती है। सांप काटने का सदमा भी इंसान की जान लील लेता है।