फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Shardiya Navratri: चूहे-छिपकली से नवजातों को बचाने पूरी रात जागती हैं माताएं...राजधानी दून के अस्पतालों का हाल

Thu, 03 Oct 2024 11:10 AM IST
रेनू सकलानी सोनिया मिश्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
सोनिया मिश्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 03 Oct 2024 11:10 AM IST
सार

अस्पताल में भर्ती प्रसूताएं दहशत में रहती हैं। पूरी रात चूहे, छिपकलियों और कॉकरोच से अपने शिशुओं की सुरक्षा करती हैं। वहीं, दून अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड का भी बुरा हाल है।

विज्ञापन
Shardiya Navratri Mothers stay awake whole night to protect their newborns from rats lizards in Doon Hospital
अस्पताल का हाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

ईश्वर के स्त्री रूप को समर्पित नवरात्र पर्व आज से शुरू हो गए हैं। यह पर्व शक्ति के नौ स्वरूपों की आराधना का है। अमर उजाला अपनी मुहिम के तहत नवरात्र के 9 दिनों में उन संस्थानों एवं विभागों की पड़ताल करेगा जो महिलाओं के सरोकार से जुड़े हैं। इस कड़ी में दून अस्पताल और जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड की पड़ताल की गई। वार्डों का बुरा हाल दिखा। पेश है रिपोर्ट।

कोरोनेशन अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में चूहों और कॉकरोच का आतंक है। बुधवार सुबह 11 बजे वार्ड के बाहर कई तीमारदार बैठे नजर आए। तीमारदारों ने बताया, अस्पताल में साफ-सफाई नहीं है। सीलन से दुर्गंध आती है। काॅकरोच, मच्छर, चूहे और छिपकली घूमते रहती हैं।

वार्ड में जाने से डर लगता है। भर्ती प्रसूताएं दहशत में रहती हैं। पूरी रात चूहे, छिपकलियों और कॉकरोच से अपने शिशुओं की सुरक्षा करती हैं। वहीं, दून अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड का भी बुरा हाल है। वार्ड के अंदर सफाई नहीं है। काॅकरोच और चूहे इधर-उधर घूमते रहते हैं। दीवारों में सीलन के कारण मरीजों को समस्या होती है। शौचालय गंदे हैं। एक शौचालय में दरवाजे तक नहीं है। हाथ धोने की जगह पर व्हील चेयर रखी हुई हैं। इससे मरीजों के साथ तीमारदारों को काफी परेशानी होती है।
 

Shardiya Navratri Mothers stay awake whole night to protect their newborns from rats lizards in Doon Hospital
अस्पताल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कॉकरोच और चूहों से नवजात को कैसे बचाएं
नाम न बताने की शर्त पर अस्पताल पहुंची नवजात की नानी ने बताया कि उनकी बेटी की डिलीवरी हुई है। वार्ड में काॅकरोज, मच्छर और चूहे बहुत हैं। इसकी शिकायत डाॅक्टर और अस्पताल के स्टाफ से की। उन लोगों ने साफ बोला वह कुछ नहीं कर सकते हैं। नवजात की खुद ही सुरक्षा करें और पैरों में मोजे पहनाएं।

Shardiya Navratri Mothers stay awake whole night to protect their newborns from rats lizards in Doon Hospital
अस्पताल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पंखों के रेग्युलेटर खराब, स्पीड कम नहीं होने लगती है ठंड

महिला ने बताया कि वह 24 सितंबर को भर्ती हुई थी। उसका बेटा हुआ और तीन दिन हो गए हैं। बच्चे को डाॅक्टर पीलिया बता रहे हैं। महिला ने बताया, यहां पंखे बहुत तेज चलते हैं। रेग्युलेटर खराब हैं। पंखे नहीं चलाने पर मच्छर परेशान करते हैं और चलाने पर स्पीड अधिक होने से ठंड लगती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shardiya Navratri Mothers stay awake whole night to protect their newborns from rats lizards in Doon Hospital
जहां निगरानी का बोर्ड, वही थूक रहे लोग। दून अस्पताल का स्त्री एवं प्रसूति विभाग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सीलन की दुर्गंध से वार्ड में जाना भी मुश्किल

वार्ड के अंदर बहुत सीलन है। दुर्गंध आती है। सीलन के कारण वार्ड में मरीजों को काफी परेशानी होती है। महिला वार्ड के शाैचालय में गंदा पानी भरा रहता है। शौचालय की गंदगी से वहां जाना आसान नहीं होता। रात में स्टाफ की कमी होती है। जरूरत पड़ने पर स्टाफ नहीं आता है।

ये भी पढ़ें...Shardiya Navratri: सजा माता रानी का दरबार...मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, घट स्थापना संग शैलपुत्री का पूजन

 

विज्ञापन
Shardiya Navratri Mothers stay awake whole night to protect their newborns from rats lizards in Doon Hospital
शौचालय का हाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

अस्पताल में पर्याप्त संख्या में बेड हैं। मच्छर, कॉकरोच, छिपकली और चूहों से बचाव के लिए हफ्ते में दो से तीन बार पेस्ट कंट्रोल करवाया जाता है। पंखे सुचारू हैं, लेकिन यदि कोई परेशानी है तो उसे ठीक किया जाएगा। अस्पताल में मच्छरदानी पर्याप्त उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर नई मच्छरदानी उपलब्ध कराई जाएगीं। - प्रमोद पंवार, जनसंपर्क अधिकारी कोरोनेशन अस्पताल

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed