हादसा इतना भयानक था कि जो बचे उनकी आखों के सामने सात जिंदगियां जिंदा दफन हो गई। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर चौड़ीकरण और पुश्ता निर्माण कार्य के दौरान बांसवाड़ा के पास चट्टान टूटने से सात मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई।
वीडियो देखें:
तीन मजदूर घायल हो गए, इनमें गंभीर घायल दो मजदूरों को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश ले जाया गया है, जबकि तीसरे घायल को जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद जौलीग्रांट रेफर कर दिया गया है। एक मजदूर अब भी लापता बताया जा रहा है। घटनास्थल पर कुल 23 मजदूर कार्य कर रहे थे, जिनमें 12 मजदूरों ने भागकर जान बचाई।
सभी मजदूर जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित टीम यह जांच करेगी। पुलिस मामले में निर्माण एजेंसी, मुख्य ठेकेदार एवं स्थानीय ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। हाईवे बाधित होने से गुप्तकाशी और ऊखीमठ का संपर्क कट गया है।
ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत शुक्रवार को जिला मुख्यालय से 26 किमी दूर बांसवाड़ा के पास हाईवे की निचली तरफ पुश्ता निर्माण और ऊपर जेसीबी से कटान का कार्य चल रहा था। कुल 23 मजदूर काम में लगे हुए थे। दोपहर बाद करीब पौने एक बजे कार्य के दौरान पहाड़ी से चट्टान का बड़ा हिस्सा भरभरा कर सड़क पर आ गिरा।
मलबा गिरते ही 12 मजदूर जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन अन्य 10 मजदूर कटान कर रही पोकलैंड और एक ट्रैक्टर के साथ मलबे में दब गए। चट्टान का मलबा सड़क पर 50 मीटर क्षेत्र में कई मीटर ऊंचाई तक फैल गया। हाईवे पर आसपास क्षेत्र में कार्य कर रहे अन्य मजदूर और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। साथ ही जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को घटना से अवगत कराया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता से तीन घायलों को बाहर निकला।