उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे सिंधी चौक पर दिनदहाड़े करीब 12:35 बजे पुलिस की मौजूदगी के बीच दो भाइयों ने प्रापर्टी डीलर और व्यवसायी भूपेंद्र चंद्र पांडे उर्फ भुप्पी को गोलियों से भून डाला। भुप्पी के साथी दिनेश उर्फ रोहित ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। ताबड़तोड़ फायरिंग से चौराहे पर भगदड़ मच गई तो मौका देखकर एक हत्यारोपी फरार हो गया, जबकि दूसरे को ट्रैफिक पुलिस ने दबोच लिया। देर शाम मृतक की पत्नी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
इधर, व्यवसायी की हत्या से आक्रोशित लोगों ने कोतवाल पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और उसे निलंबित करने की मांग को लेकर चार घंटे तक हाईवे जाम किया। उधर, देर शाम बाजपुर पुलिस ने घेराबंदी कर शिव सेना का झंडा लगी कार को रोक लिया तो हत्यारोपी भाग निकला, लेकिन उसके परिजनों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
काठगोदाम में निर्मला कान्वेंट स्कूल के पीछे कालटैक्स रोड निवासी भूपेंद्र चंद्र पांडे उर्फ भुप्पी (50) पुत्र स्वर्गीय मोहन चंद्र पांडे रविवार सुबह 10:30 बजे घर से निकले और अपने साथी दुकानदार रोहित उर्फ दिनेश सागर को लेकर भोटिया पड़ाव चौकी पहुंचे। दोनों ने चौकी प्रभारी से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि धोखाधड़ी और एससी-एसटी के आरोपी गौरव और सौरभ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
आरोप लगाया कि कोतवाल विक्रम सिंह राठौर के छूट देने पर आरोपी स्थगनादेश लेने में सफल रहे। इसके बाद दोनों स्कूटी से स्टैंडर्ड स्वीट हाउस के सामने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सिंधी चौराहे के सामने सौरभ और गौरव गुप्ता ने भुप्पी की स्कूटी को रोक लिया। दोनों भाइयों ने पहले रोहित को पीटना शुरू किया। विरोध करने पर उन्होंने भुप्पी पर थप्पड़ बरसाए।
इस बीच, एक भाई ने असलहा निकाला और भुप्पी पांडे पर गोली दाग दी। गोली चलते ही रोहित भाग खड़ा हुआ, जबकि भुप्पी ने गोलीबारी से बचने को ईंट उठाने की कोशिश की तो हमलावर ने एक बाद एक छह की छह गोलियां भुप्पी के सीने और सिर में उतार दीं। इधर, भीड़ बढ़ती देख गौरव गुप्ता फरार हो गया, जबकि सौरभ ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायर भी किए।