रुड़की शहर और आसपास के देहात क्षेत्रों में 100 से अधिक लोग शनिवार रात कुट्टू के आटे के व्यंजन खाने से बीमार हो गए। अचानक तेज चक्कर, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत लेकर लोग अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
रात में बीमार लोगों से जानकारी लेकर उस थोक दुकान को तलाशा गया, जहां से अधिकांश लोगों को आटा सप्लाई हुआ था। सुबह विभाग की टीम ने दुकान पहुंचकर साढ़े चार कुंतल आटे को जब्त गंगनहर में नष्ट करा दिया। साथ ही रुड़की, भगवानपुर, मंगलौर, बहादराबाद, बेड़पुर से आटे के छह सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
इस दौरान हरिद्वार, रुड़की में अंबर तालाब, चाव मंडी, पनियाला, सलेमपुर, डबल फाटक, ढंढेरा, भगवानपुर के रुहालकी दयालपुर, करौंदी, सिकरौढ़ा और मंगलौर क्षेत्र के कई गांवों के लोगों की तबीयत बिगड़ी है।
भगवानपुर क्षेत्र के रुहालकी दयालपुर गांव में कुट्टू के आटे के सेवन से ग्राम प्रधान सुचिका, उनके बच्चे वैष्णवी, वंश के अलावा गांव के करीब दो दर्जन लोगों की हालत बिगड़ गई। उनके पति विपिन कुमार ने बताया कि गांव में 20 से अधिक लोगों की तबीयत खराब हुई है, लेकिन ये सभी अस्पताल में भर्ती नहीं हुए हैं बल्कि दवा लेकर आराम कर रहे हैं।
कुट्टू का आटा खाने से सैकड़ों लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई। भगवानपुर में पुलिस ने जीप से मुनादी कराई। इस दौरान भगवानपुर थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल ने एनाउंसमेंट कर कहा कि कोई भी दुकानदार न तो कुट्टू का आटा बेचे और न ही कोई खरीदे। क्योंकि, इसे खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं।