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Dehradun News: थैना में उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्तों पर अवतरित हुए देवता
Tue, 15 Sep 2026 12:17 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:17 AM IST
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जौनसार-बावर की आस्था का प्रतीक जागड़ा महापर्व पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रसिद्ध महासू एवं चालदा देवता मंदिर थैना सहित लखवाड़, कचटा और बिसोई के मंदिरों में आस्था का भारी सैलाब उमड़ा। जौनसार-बावर के अलावा पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु देव दरबार में सुख-समृद्धि की मनौती मांगने पहुंचे।
थैना स्थित महासू एवं चालदा मंदिर में जागड़े के अवसर पर विशेष पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराए गए। निर्धारित शुभ मुहूर्त में सुबह करीब 8:45 बजे देव पालकी को गर्भगृह से बाहर लाया गया और विधि-विधान के साथ देव स्नान कराया गया। इसके पश्चात देव पालकी को करीब एक घंटे तक मंदिर प्रांगण में दर्शनार्थ रखा गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में देव पालकी को कांधा देकर पुण्य लाभ कमाने की होड़ मची रही। पूरा मंदिर परिसर महासू देवता के जयकारों और भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। इस पावन अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय भट्ट, उपाध्यक्ष यशपाल चौहान, सचिव शमशेर सिंह, गंभीर सिंह, मोहन तोमर, सरदार सिंह और धनंजय भट्ट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
अलौकिक दृश्य के साक्षी बने लोग
स्थानीय मान्यताओं के अनुरूप, मंदिर प्रांगण में देव पालकी के विराजमान रहने के दौरान कई स्त्री-पुरुषों पर देवता अवतरित हुए। इस अलौकिक दृश्य को देखने और देवता का सीधा आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। जागड़ा पर्व के उपलक्ष्य में थैना सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख देवस्थानों में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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थैना स्थित महासू एवं चालदा मंदिर में जागड़े के अवसर पर विशेष पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराए गए। निर्धारित शुभ मुहूर्त में सुबह करीब 8:45 बजे देव पालकी को गर्भगृह से बाहर लाया गया और विधि-विधान के साथ देव स्नान कराया गया। इसके पश्चात देव पालकी को करीब एक घंटे तक मंदिर प्रांगण में दर्शनार्थ रखा गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में देव पालकी को कांधा देकर पुण्य लाभ कमाने की होड़ मची रही। पूरा मंदिर परिसर महासू देवता के जयकारों और भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। इस पावन अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय भट्ट, उपाध्यक्ष यशपाल चौहान, सचिव शमशेर सिंह, गंभीर सिंह, मोहन तोमर, सरदार सिंह और धनंजय भट्ट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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अलौकिक दृश्य के साक्षी बने लोग
स्थानीय मान्यताओं के अनुरूप, मंदिर प्रांगण में देव पालकी के विराजमान रहने के दौरान कई स्त्री-पुरुषों पर देवता अवतरित हुए। इस अलौकिक दृश्य को देखने और देवता का सीधा आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। जागड़ा पर्व के उपलक्ष्य में थैना सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख देवस्थानों में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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