ये दुनिया विचित्र संयोगों से भरी पड़ी है। आज से 47 वर्ष पहले ऋषि कपूर ने बतौर लीड अभिनेता पहली फिल्म बॉबी की थी और उसके गीत 'अंदर से कोई बाहर न जा सके...' से ही उन्हें भारी प्रसिद्धि मिली थी। तब से आज तक भला कौन सोच सकता था कि जब पूरे देश में सच में ऐसा ही अकल्पनीय माहौल होगा कि घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध होगा, तो वे उसी माहौल में घर से तो क्या दुनिया से चले जाएंगे।
ऋषि कपूर का नैनीताल से भी गहरा संबंध था। वे नवंबर 2012 में यहां यशराज बैनर्स की फिल्म औरंगजेब की शूटिंग के लिए आये थे। ऋषि कपूर ने नैनीताल में चार दिन शूटिंग की थी। फिल्म की शूटिंग नैनीताल में हुई लेकिन फिल्म में नैनीताल का उल्लेख नहीं था। नगर के दृश्य भी नहीं दिखाए जाने थे केवल एक कोठी के भीतर शूटिंग होनी थी।
ऋषि को नैनीताल इतना खूबसूरत लगा कि उन्होंने नैनीताल के दृश्य स्वयं पहल करके फिल्म में शामिल करवाए। औरंगजेब फिल्म की नैनीताल में शूटिंग का जिम्मा संभालने वाले सगीर खान ने बताया कि ऋषि कपूर नैनीताल में मनु महारानी होटल में रुके थे। ऋषि उस दौरान यहां लोगों से बिल्कुल नहीं मिलते जुलते थे। लेकिन उनके साथ माल रोड पर टहलने निकलते थे। उन्होंने एक दुकान से गर्म कपड़े भी खरीदे थे।
सगीर बताते हैं कि उन्हीं के कहने पर नगर के दृश्य फिल्माए गए थे। इनमें माल रोड, कलेक्ट्रेट-राजभवन रोड, मस्जिद तिराहे के दृश्य शामिल थे। लेकिन ऋषि किसी के साथ या उनकी अकेले भी कोई फोटो खींचे जाने को राजी नहीं थे।
औरंगजेब फिल्म की शूटिंग यहां सेंट जेवियर स्कूल के निकट एक कोठी में हुई थी। फिल्म में ऋषि भी कर्नल के रोल में थे। तन्वी आजमी और अभिनेता अर्जुन कपूर के साथ अनेक दृश्य फिल्माए गए। यह भी एक संयोग है कि नैनीताल निवासी प्रसिद्ध कलाकार इदरीस मलिक ने इरफान खान के साथ काफी काम किया था और फिल्म चांदनी में इदरीस श्रीदेवी के भाई और ऋषि कपूर के मित्र की भूमिका में थे।