शिवरात्रि इस बार 13 फरवरी को है, लेकिन क्या आप जानते है कि शिवरात्रि 13 फरवरी को क्यों है। हम बताते हैं इसके पीछे का कारण...
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महा शिवरात्रि
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मुहूर्त प्रकरण के अनुसार, व्रतराज, पारस्करग्राक्ष सूत्र, अन्दृक सूत्रावली शिव महापुराण में इशानसंहिता आदि में निशीथ काल के समय पर चतुर्दशी यदि हो तो वह समय शिवरात्रि के व्रत को न्यायोचित और शास्त्रोन्तक कहा जाता है। जो इस वर्ष 13 फरवरी 2018 को पूर्ण रुप में निशीथकाल है।
इस संयोग के बनने से ही 13 फरवरी को ही शिवरात्रि होगी। निर्णयसिंधु आदि में प्रदोषव्यापिनी ,निशीधव्यापिनी या उभय न्यादिनी सर्वोत्तम में निशीथ काल पूर्णत: होना आवश्यक है।
प्रसिद्ध कथा वाचक पं. सुभाष जोशी जी ने ग्रंथों के अध्ययन पर यह शास्त्रोन्तक निर्णय दिया है। विल्भ, अहम, जानाबिधी शंकर अभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। भ्रम में नहीं वास्तव में कल्याणकारी मार्ग के विचार को ही शिवरात्रि कहा गया है।