झोलाछाप डॉक्टर बिजेंद्र की जहरीली शराब यदि गांव में बंट गई होती तो पूरा गांव श्मशान में बदल जाता। बिजेंद्र ने अपने घर के पास ही ग्रामीणों को शराब पिलाई थी। नामांकन पत्रों की रविवार को जांच पूरी होने के बाद ग्रामीणों में शराब बांटने की योजना थी लेकिन इससे पहले ही अत्यधिक एथेनॉल की मात्रा वाली शराब पीने से आठ लोगों की मौत हो गई।
शराब पीने वालों को खून की उल्टियां ही नहीं, बल्कि कइयों की आंखों की रोशनी भी धुंधली हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतकों के पेट खाली मिले हैं। जहरीली शराब से लीवर डैमेज हो गए थे। शिवगढ़ ग्राम पंचायत में 3630 वोटर हैं। चार गांवों की इस पंचायत में नौ ग्राम प्रधान प्रत्याशी हैं। सबसे अधिक वोटर फूलगढ़ गांव के हैं।
फूलगढ़ से चार प्रत्याशियों में डॉ. बिजेंद्र की पत्नी बबली भी मैदान में हैं। सभी प्रत्याशी शराब के दम पर चुनाव जीतना चाहते हैं। इसके लिए शराब पिला रहे हैं। कई बांट भी रहे हैं। डॉ. बिजेंद्र ने चुनाव में शराब बांटने के लिए छह दिन पहले ही तैयारी कर ली थी। उसने अपने ही खेत में शराब बनाकर उसे जमीन में दबा दिया था। चुनाव नजदीक आता देख वह ग्रामीणों को बुलवाकर शाम को रोज शराब पिला रहा था।
2 of 7
हरिद्वार में जहरीली शराब कांड से गांव में पसरा मातम
- फोटो : Poisonous liquor scandal in Haridwar
रविवार को नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद जहरीली शराब बांटने की प्लानिंग थी। इसके लिए गांव के कुछ लोगों की टीमें भी बनाई गई थीं।
3 of 7
कच्ची शराब से मौत
- फोटो : अमर उजाला
गांव में शराब बांटने से पहले शुक्रवार शाम से डॉ. बिजेंद्र ने गांव के लोगों को अपने घर के पास बुलवाकर शराब पिलानी शुरू कर दी। शराब में एथेनॉल की अत्यधिक मात्रा होने से वह जहरीली हो गई थी। ग्रामीणों ने घर जाकर खाना नहीं खाया और सो गए।
4 of 7
कच्ची शराब से मौत
- फोटो : अमर उजाला
जहरीली शराब पीकर लीवर और शरीर के अन्य संवेदनशील अंग डैमेज होने से उन्हें खून की उल्टियां हुईं। कइयों की आंखों की रोशनी भी धुंधली पड़ गई।
5 of 7
कच्ची शराब पीने से मौत
- फोटो : अमर उजाला
मृतक अमरपाल के भाई इंद्रपाल ने बताया कि दम तोड़ने से पहले अमरपाल को दिखना बंद हो गया था। अस्पताल पहुंचने से पहले आठ लोग जिंदगी की जंग हार गए।