राजधानी देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में रक्षाबंधन का पर्व रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनका मुंह मीठा करवाया। साथ ही उनसे रक्षा का वचन लिया। वहीं, भाइयों ने भी उपहार देकर बहनों की रक्षा का प्रण लिया। वहीं, चार सालों में पहली बार राखी के दिन भद्रा का साया नहीं होने के चलते बहनों द्वारा शाम तक भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। वहीं मुस्लिम महिलाओं ने भी क्षेत्रीय नेताओं को राखी बांधी।
मुस्लिम महिलाओं ने भी भाई की कलाई पर बांधी राखी, कुछ ऐसा मनाया रक्षाबंधन का त्योहार, तस्वीरें
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राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:59 बजे से शाम 7: 25 बजे तक रहा। रक्षाबंधन को लेकर भाइयों-बहनों में काफी उत्साह था। सुबह से ही घरों में चहल-पहल शुरू हो गई। बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए बेताब दिखाई दीं, वहीं भाइयों ने भी उन्हें सरप्राइज गिफ्ट देकर खुश कर दिया। नए कपड़ों में नन्हे-मुन्ने भाई-बहन रौनक बढ़ा रहे थे।
नन्हें भाइयों के हाथों में छोटा भीम, मोटू-पतलू जैसे किरदारों की राखियां काफी फब रही थीं। इसके अलावा बड़ों में भी पर्व को लेकर उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह से राखी बांधने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। उत्तरकाशी जनपद के सभी क्षेत्रों में रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। जिला मुख्यालय सहित चिन्यालीसौड़, बड़कोट, नौगांव, पुरोला आदि क्षेत्रों में उत्साह का माहौल बना रहा। सौम्य काशी रोटरी क्लब के सदस्यों के साथ अध्यक्ष सुरेंद्र दत्त उनियाल ने जिला महिला अस्पताल में 13 नवजात बालिकाओं को बेबी किट दिया।
इसके बाद श्याम स्मृति वन के अध्यक्ष प्रताप पोखरियाल के नेतृत्व में पौधरोपण किया। इस दौरान मोहन डबराल, अजय पुरी, राजेश जोशी, बीएस रावत, डा. एसडी सकलानी, डा. प्रेम पोखरियाल, प्रताप सिंह बिष्ट, डा. महेंद्र पाल परमार, नागेंद्र थपलियाल, डा. शंभू प्रसाद नौटियाल, संजय शाह आदि मौजूद रहे।
वहीं दिलसौड़ गांव की महिलाओं ने जंगलों में जाकर पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधे। इस मौके पर विजना देवी, शारदा देवी, सुंदरी देवी, पार्वती देवी, सजना देवी, सरिता देवी, शिवदेई, धनपति, हिमला डंगवाल आदि शामिल रहीं। उधर, 12वीं वाहिनी आईटीबीपी मातली में महिलाओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हिमवीरों को राखी बांध कर उनकी लंबी उम्र की कामना की।