तो फिर मिलते हैं तीन फरवरी को...ये चंद आखिरी शब्द राहुल रैंसवाल ने अपनी पत्नी प्रीति से फोन पर कहे थे। महज तीन दिन पहले 19 जनवरी की ही तो बात है, उस दिन फौजी राहुल की पत्नी का 24वां जन्म दिन था। राहुल ने पत्नी से कुशलक्षेम ली, हैप्पी बर्थ डे कहा और मासूम बेटी को प्यार की थपकी देते हुए उसका खूब ख्याल रखने को कहा।
तब पत्नी को क्या पता था कि जिंदगी भर साथ निभाने की बात कहने वाले उसके पति राहुल विवाह के बमुश्किल तीन साल में ही साथ छोड़ ऐसी जगह चल देंगे, जहां से कोई कभी नहीं लौटता। साले का मेरठ में 9 फरवरी को विवाह होना था। लेकिन गुरुवार को शहीद पति क पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा।
पत्नी अपने भाई के विवाह की तैयारी के लिए बरमपुरी (मेरठ) में ही थी। राहुल ने अपने प्यारे साले के विवाह के लिए तीन फरवरी की फ्लाइट की बुकिंग कराई थी। राहुल के कहे एक-एक शब्द पत्नी प्रीति के कानों में गूंज रहे हैं। पति ने देश की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर कर दिए। बुधवार सुबह घर पहुंचते ही वह सास हरू देवी से गले लिपटकर खूब रोई।
बड़ी बहू और ननद बार-बार उसे ढाढ़स बंधा रहे थे। पत्नी को फोन करने के बाद राहुल ने मां हरू देवी और पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल से घर की कुशलक्षेम ली। पिता से ठंड में बचने और मां से ज्यादा काम न करने की सलाह दी। और साले की शादी के बाद मिलने की बात कही। पर अब फोन पर कहे राहुल के ये सब वायदे कभी पूरे नहीं हो सकेंगे।
शहीद राहुल रैंसवाल की मां हरू देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। इस गमगीन माहौल में राहुल की दिल्ली में नौकरी करने वाली छोटी बहन प्रीति ने अपनी मां को हिम्मत दिलाई। विलाप करती मां को बहन प्रीति बार-बार ढाढ़स बंधाती रही और खुद एकांत में आंसू पोछती रही।