मुठभेड़ वाली रात किसी अनहोनी की आशंका पर मेजर विभूति का पूरा परिवार रातभर जागता रहा। सुबह उनके शहीद होने की सूचना आई तो अहसास, हृदयविदारक सच में बदल गया। पूरा परिवार इस घटना से टूट गया है। घर में अब कोई पुरुष नहीं बचा।
रोजमर्रा की तरह ऑपरेशन पर जाने से पहले मेजर विभूति ने रविवार रात करीब दस बजे मां और पत्नी से फोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह एक ऑपरेशन पर जा रहे हैं। लौटकर बात करेंगे। अपना ख्याल रखना। बात खत्म हुई। उसके बाद मां, पत्नी और बहन अपने-अपने कमरे में सोने चले गए।
वीडियो देखें:
रात करीब 12:30 बजे अचानक पत्नी नीतिका की आंख खुली। उसके चेहरे पर घबराहट थी और मन में अजीब सी बेचैनी थी। उसके बाद मेजर विभूति की मां सरोज ढौंडियाल की भी घबराकर अचानक नींद खुली। अनहोनी की आशंका में नींद आंखों से ऐसी गायब हुई कि पूरा परिवार रातभर बेचैनी में जागता रहा। इस दौरान कई बार मेजर से बात करने की भी कोशिश की, लेकिन पता चला कि अभी ऑपरेशन चल रहा है।
4 of 6
martyr major vibhuti
- फोटो : अमर उजाला
उधर, करीब रात 1:30 बजे मेजर विभूति आतंकी मुठभेड़ में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान वह शहीद हो गए। सुबह पत्नी करीब पांच बजे ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना तो हुई, लेकिन बेचैनी कम नहीं हुई थी। पूरे परिवार के मन में तरह-तरह की आशंकाएं, उलझन और परेशानी थी।
5 of 6
शहीद बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर मां सरोज पर टूटा दुखों का पहाड़
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे नीतिका के फोन की घंटी बजी। पहले सोचा कि मेजर का फोन है। फोन नंबर मेजर का ही था। लेकिन, बात करने वाले मेजर नहीं, सेना के अधिकारी थे। फोन के ईयरपीस से उभर रहे एक-एक शब्द उसके कानों में बिघलते शीशे की तरह उतरते चले गए। आंखों के सामने अंधेरा छाता चला गया, अंतहीन अंधेरा।