नोटबंदी की मार से जनता अभी राहत में आई ही थी कि अब सिक्काें ने भी परेशान करना शुरू कर दिया है। सिक्कों को लेकर आम आदमी और कारोबारियों के बीच आए दिन तकरार हो रही है।
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नोटबंदी के बाद अब सिक्कों ने खड़ी की जनता के लिए परेशानी, जानिए इसके पीछे की वजह
ब्यूरो / अमर उजाला, लक्सर
Updated Mon, 02 Oct 2017 10:19 AM IST
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10 रुपये के सिक्के
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रुड़की के लक्सर कस्बे में सिक्के की समस्या एक बार फिर समस्या बनती जा रही है। सिक्कों को लेकर आम आदमी और कारोबारियों के बीच आए दिन तकरार हो रही है। कई मामलों में तो मारपीट की नौबत बन आई। पिछले कुछ दिनों से बाजार में एक रुपये का सिक्का बंद होने की अफवाह ने आमआदमी की परेशानी को और बढ़ा दी है।
10 के सिक्के
लक्सर तहसील क्षेत्र एक बार फिर से सिक्के की समस्या शुरू हो गई है। नगर पंचायत मुख्यालय समेत खानपुर सुल्तानपुर, रायसी में सिक्के की समस्या विकट बनी हुई। सबसे अधिक दिक्कत ग्राहकों एवं छोटे छोटे दुकानदारों को उठानी पड़ रही है। अभी तक दो, पांच और दस के सिक्के को लेकर समस्या खड़ी होती थी पर अब एक रुपये के सिक्के भी नहीं लिए जा रहे हैं।
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छोटे दुकानदारों का कहना है कि बड़े व्यापारी सिक्का लेते नहीं है। ग्राहकों का कहना है कि दस रुपए का कोई सामान लेने पर एक-एक के सिक्के हो तो उसे वापस कर दिया जा रहा है। दुकानदार साफ कहते हैं कि एक का सिक्का बंद हो गया है। दुकानदार द्वारा एक रुपये का सिक्का लिया ही नहीं जा रहा है। परचून व्यवसायी राधेश्याम खड़क सिंह, कासिम का कहना है कि जब एक रुपये का सिक्का लेना बंद किया गया तो देखते ही देखते चौराहे के सभी लोग इसे लेने से कन्नी काटने लगे।
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पान की दुकान चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि बड़े व्यवसायी सिक्का लेते नहीं ऐसे में वे लोग लेकर क्या करेंगे। इसलिए वह लोग भी एक का सिक्का लेने में थोड़ी दिक्कत रहे हैं। कस्बे के ही अभिषेक चौधरी, सोनू, यशपाल, प्रवीण कुमार आदि का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।