किसी भी काम के लिए अब आपको बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंग। पोस्टा ऑफिस ऐसी सुविधा देने जा हा है जिससे आपके सारे काम आसान हो जाएंगे।160 वर्ष से आपके घर डाक, पार्सल और स्पीड पोस्ट पहुंचाने वाला डाकघर एक सितंबर से आपको बैंकिंग सुविधाएं भी देने जा रहा है।
डाकघर देशभर में देने जा रहा यह नई सुविधा, जिसके बाद होगा फायदा ही फायदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसका राष्ट्रव्यापी शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जबकि प्रदेश में रुद्रप्रयाग जिले को छोड़कर 12 जिलों में ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक’(आईपीपीबी) योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे। इस योजना के माध्यम से पोस्टमैन घर-घर जाकर लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से अवगत कराएंगे। आधार कार्ड से आप इसमें खाता खुलवा सकते हैं।
उत्तराखंड परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल विनय कुमार तिवारी ने घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर सभागार में पत्रकारों से वार्ता में कहा कि ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक’ का मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेश को बढ़ावा देना है। इस सेवा से समाज के हर तबके के व्यक्ति को डिजिटल बैंक से जोड़ा जाएगा। आम लोगों तक पहुंच के मामले में भारत का यह पहला सबसे बड़ा पेमेंट बैंक होगा। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को बचत खाता, चालू खाता, डोमेस्टिक रेमिटेंस सर्विसेज, डिजिटल पेमेंट, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड आदि जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
इसके अलावा सरकार इस बैंक का इस्तेमाल मनरेगा का वेतन, सब्सिडी, पेंशन आदि बांटने में भी करेगा। छोटे-छोटे भुगतान के लिए यह योजना क्रांतिकारी कदम साबित होगी। तिवारी ने कहा कि हर आदमी तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार का यह कदम ऐतिहासिक साबित होगा। पत्रकार वार्ता मेें डाक सेवाएं मुख्यालय के निदेशक सत्यकाम, सहायक पोस्टमास्टर जनरल अनुसूया प्रसाद आदि मौजूद रहे।
उत्तराखंड परिमंडल के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल विनय कुमार तिवारी ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के डाकघरों के 11,000 के करीब पोस्टमैन ‘आपका बैंक-आपके द्वार’ के तहत सीधे दरवाजे पर बैंकिंग सेवाएं देंगे। इस योजना के तहत एक लाख खाते खोलने का लक्ष्य रखा गया है। खाते खोलने की शुरूआत हो गई है। अभी प्रदेश में 3065 खाते खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर तक यह बैंक पूरी तरह से डाक विभाग के नेटवर्क का इस्तेमाल करने लगेगा। इसके दायरे में देश के 1.55 लाख सेवा केंद्र (डाकघर) और तीन लाख से अधिक पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवक शामिल हैं।