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भारत के इस प्राचीन मंदिर में देवताओं के साथ होती है दानव की भी पूजा

Tue, 24 Jan 2017 09:03 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 24 Jan 2017 09:03 AM IST
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pathani temple in uttarakhand
pathani temple

उत्तराखंड के पौड़ी में स्थित थलीसैण ब्लॉक के एक गांव पैठाणी का धार्मिक महत्व देश के धार्मिक स्थानों से अनोखा माना जाता है, क्योंकि यहां देवता के साथ दानव की भी पूजा की जाती है।

pathani temple in uttarakhand
pathani temple

लोग कहते हैं कि पैठाणी के मंदिर में सदियों से दानव की पूजा होती आ रही है। पूरे भारत वर्ष में यहां राहू का एकमात्र प्राचीनतम मंदिर स्थापित है। यह मंदिर पूर्वी और पश्चिमी नयार नदियों के संगम पर स्थापित है।
 

pathani temple in uttarakhand
pathani temple

यह मंदिर उत्तराखंड के कोटद्वार से लगभग 150 किलोमीटर दूर थलीसैण ब्लॉक के पैठाणी गांव में स्थित है।
 

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pathani temple in uttarakhand
pathani temple

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन के दौरान राहू ने देवताओं का रूप धरकर छल से अमृतपान किया था तब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शनचक्र से राहू का सिर धड़ से अलग कर दिया, ताकि वह अमर न हो जाए। कहते हैं, राहू का कटा सिर इसी स्थान पर गिरा था।
 

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pathani temple in uttarakhand
pathani temple

कहते हैं कि जहां पर राहू का कटा हुआ सिर गिरा था वहां पर एक मंदिर का निर्माण किया गया और भगवान शिव के साथ राहू की प्रतिमा की स्थापना की गई और इस प्रकार देवताओं के साथ यहां दानव की भी पूजा होने लगी। वर्तमान में यह राहू मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
 

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