फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

करणी सेना के साथ अगर ये भी करते विरोध तो नहीं रिलीज होती 'पद़्मावत'!

Sun, 28 Jan 2018 06:07 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sun, 28 Jan 2018 06:07 PM IST
विज्ञापन
padmaavat one more interesting fact
Padmavati
पद्मावत को लेकर हो हल्ला कर रही करणीसेना के साथ अगर ये लोग भी शामिल होते तो हो सकता था कि आंदोलन और भी उग्र हो जाता और पद्मावत रिलीज नहीं हो पाती।




 
padmaavat one more interesting fact
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
दरअसल, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि चित्तौड़ में ऐतिहासिक जौहर केवल पद्मावती या क्षत्राणियों ने नहीं किया था, उनके साथ जौहर करने वाली 16 हजार स्त्रियां सनातन धर्म के सभी वर्णों और जातियों से जुड़ी हुई थी।

 
padmaavat one more interesting fact
PADMAVATI

पद्मावती फिल्म का मुद्दा केवल पद्मिनी के वंशजों या क्षत्रियों का नहीं है। यह मुद्दा पूरे सनातनी समाज का है। दुर्भाग्य से राजपूतों ने अलग आंदोलन चलाकर सभी से किनारा कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
padmaavat one more interesting fact
padmavati
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्मियों को साथ लेकर न चलने से न्यायालय में पद्मावती का पक्ष तरीके से नहीं रखा गया। ऐतिहासिक तथ्य है कि मुस्लिम आक्रांताओं ने हिंदुओं पर अनेक हमले किए। विजयी होने पर मुस्लिम सैनिक हिंदुओं की पत्नियों, माताओं और बहनों पर टूट पड़ते और उन्हें अपमानित करते।

 
विज्ञापन
padmaavat one more interesting fact
padmavati
ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि मुसलमानों ने जिसका अपमान किया, वह क्षत्राणी ही थी। चित्तौड़ विजय के बाद अलाउद्दीन खिलजी और उसके सैनिकों द्वारा अपमानित होने से बचने के लिए पद्मावती के साथ जिन हजारों स्त्रियों ने जौहर किया, वे मात्र राजपूत नहीं थी।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed