सरकार की नई योजना से नंदा और गौरा देवी कन्या धन योजना के लाभार्थियों को तगड़ा झटका लगा है। इसमें सरकार ने कई झंझट बढ़ा दिए हैं। जानिए...
नंदा और गौरा देवी कन्या धन योजना के लाभार्थियों को झटका, पूरी करनी होगी ये शर्त
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सरकार की नई योजना से नंदा और गौरा देवी कन्या धन योजना के लाभार्थियों को तगड़ा झटका लगा है। सरकार की नई नंदा और गौरा योजना से कन्याओं के हक के 15 हजार रुपये घट गए हैं। वहीं जन्म से लेकर विवाह तक अलग-अलग सात किश्तों में धनराशि मिलने का झंझट भी बढ़ गया है। इसके अलावा नये प्रावधानों के तहत 12वीं पास कन्याओं के हक में भी बड़ी कटौती दी गई है।
दरअसल महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की नंदा देवी कन्या धन योजना (2009 से) के तहत बेटी के जन्म पर पांच हजार रुपये उसके खाते में डाले जाते थे। इसके बाद दस हजार की एफडी (फिक्स डिपाजिट) कर दी जाती थी। इसी तरह समाज कल्याण विभाग की गौरा देवी कन्या धन योजना में कन्याओं के 12वीं पास करने के बाद उन्हें 51 हजार रुपये दिए जाते थे।
इस तरह से एक लाभार्थी कन्या को 66 हजार रुपये मिलते थे। सरकार ने अब दोनों योजनाओं को मर्ज कर यह धनराशि 51 हजार रुपये कर दी है। ऐसे में अब प्रत्येक कन्या के हिस्से के 15 हजार रुपये कम हो गए हैं। इसके अलावा योजना के लाभ लेने पर कई शर्तें भी लगा दी गई हैं। शर्तों की पाबंदी के अनुसार योजना का धन अब कन्या के जन्म से लेकर विवाह तक अलग-अलग अवसर पर मिलेगा।
ये होंगे नुकसान
पहले नंदा देवी योजना का लाभ कन्या के जन्म पर और गौरा देवी योजना का 12वीं पास करते ही मिल जाता था। नई व्यवस्था के तहत अब यह धनराशि सात किश्तों में मिलेगी। यानि पहली किश्त जन्म के समय, दूसरी एक वर्ष की आयु पर, तीसरी कक्षा आठ उत्तीर्ण करने पर, चौथी हाईस्कूल उत्तीर्ण करने पर, पांचवी कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने पर, छठी डिप्लोमा-स्नातक उत्तीर्ण करने पर और सातवीं विवाह के समय मिलेगी। इसके लिए बार-बार छात्राओं को विभाग के फेरे लगाने होंगे। यदि किसी छात्रा ने पढ़ाई नहीं की और उसकी शादी हो गई तो सीधे विवाह के समय मिलने वाले 16 हजार रुपये ही उसके हाथ लगेंगे।