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बेटी को दुल्हन के जोड़े में देखने से पहले ही शहीद हो गए पिता, घरवालों के नहीं सूख रहे आंसू
Tue, 19 Jun 2018 04:44 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, ऊखीमठ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, ऊखीमठ
Updated Tue, 19 Jun 2018 04:44 PM IST
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Fateh singh
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नागालैंड में शहीद हुए फतेह सिंह नेगी ने रविवार को शहादत से करीब दो घंटे पहले ही पत्नी गीता से फोन पर बात कर सबकी कुशलक्षेम पूछी थी। पत्नी से उन्होंने मानसून सीजन में खेतीबाड़ी के कामकाज से पहले अपने स्वास्थ्य का खास तौर पर ध्यान रखने को कहा था। साथ ही बताया कि अक्तूबर में सोनम (बेटी) की शादी के लिए वह दो माह की छुट्टी लेकर घर आएंगे।
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Fateh singh daughter
बाड़व गांव में स्व. मुकंद सिंह नेगी की तीन पुत्रियों और दो पुत्रों में फतेह सिंह सबसे छोटे थे। अपने हसंमुख और मिलनसार व्यवहार के कारण वह परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव के चहेते थे। उनकी दो पुत्रियां पूनम और सोनम व एक पुत्र रॉबिन है। ज्येष्ठ पुत्री पूनम का वर्ष 2015 में विवाह हो चुका है। दूसरी बेटी की शादी आगामी अक्तूबर में होनी तय हुई है।
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Fateh singh family
एक वर्ष पूर्व ही फतेह सिंह की पोस्टिंग नगालैंड में हुई थी। गत मार्च माह में वह एक माह की छुट्टी पर घर आए थे। तब, गांव के अधिकांश घरों पर जाकर उन्होंने बड़े बुजुर्गों से मुलाकात की थी। बड़े भाई सते सिंह नेगी से वह हफ्ते में एक दिन जरूर बात करते थे।
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Fateh singh family
16 जून की रात भी उन्होंने बड़े भाई से करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत की। इस दौरान घर, परिवार, रिश्तेदारी और गांव के बारे में पूछा। साथ ही कार्तिक स्वामी मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के बारे में भी जानकारी ली। सते सिंह नेगी रुंधे गले से कहते हैं ‘अब मेरा फतेह मुझसे कभी बात नहीं करेगा। मैंने अपना दायां हाथ खो दिया है’। इधर, छोटे भाई की शहादत की खबर सुनकर उनकी तीनों बहनें भी अपने ससुराल से मायके बाड़व पहुंच गई हैं। गांव में मातम पसरा हुआ है।
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आतंकवाद
सोनम और रॉबिन को जैसे ही अपने पिता के शहीद होने की सूचना मिली, वे दोनों अपने घर के लिए दौड़ पड़े। सोमवार को घर पहुंचते ही दोनों भाई-बहन अपनी मां से लिपट कर बिलख-बिलख कर रो पड़े। रोते हुए बेटा कहता रहा, ‘पापा आप हमें क्यों छोड़ कर चले गए, आपने तो अक्तूबर में घर आने की बात कही थी’। रॉबिन बीएससी तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। बेटी सोनम भी गुमसुम है। उधर, बड़ी बेटी पूनम के आंसू थमने को नहीं हैं। पिता को बार-बार याद करते हुए वह, विलाप कर रही है।
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