नंदप्रयाग के पास पहाड़ी से बोल्डर गिरने से बरीनाथ हाईवे करीब 13 घंटे तक बंद रहा। मलबा गिरने से एक कार भी दब गई, जिससे वाहन चालक घायल हो गया, जबकि अन्य तीन लोग सुरक्षित हैं। शुक्रवार रात बंद हुए हाईवे को शनिवार सुबह करीब दस बजे खोला जा सका। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की कतार लगी रही।
नंदप्रयाग के पास इस समय ऑल वेदर रोड का काम चल रहा है, जिस कारण यहां अक्सर हाईवे बंद हो जाता है। शुक्रवार रात करीब सवा नौ बजे नंदप्रयाग के शिव मंदिर के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरे जिससे हाईवे बंद हो गया। इसी दौरान वहां से ऋषिकेश निवासी अश्विनी (35) पुत्र राजपाल कार से तीन पर्यटकों को लेकर औली जा रहा था और उनकी कार मलबे की चपेट में आ गई।
हादसे में अश्वनी बुरी तरह जख्मी हो गया जबकि कार में सवार अन्य तीनों यात्री सुरक्षित बच गए। उन्होंने चालक को कार से बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने 108 की मदद से चालक को अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर एनएचआईडीसीएल की जेसीबी और मजदूर मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का काम शुरू किया, लेकिन पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के चलते हाईवे नहीं खोला जा सका।
रात 11 बजे से हाईवे खोलने का काम शुरू हुआ जो सुबह दस बजे खोला जा सका। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान वाहनों की करीब दो किमी दूर तक लंबी लाइन लगी रही। शुक्रवार को हुए भूस्खलन का मलबा आवासीय मकानों पर भी गिरा, जिससे नंदप्रयाग नगर पंचायत में कार्यरत पांच कर्मचारियों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बड़े-बड़े बोल्डर इनके घरों की छतों पर गिर गए।
इससे किसी की छत पर दरारें पड़ गईं, किसी की छत का लिंटर और घर की दीवार टूट गई। गनीमत रही कि मलबा गिरने के दौरान आवाज सुनकर लोग घरों को छोड़कर बाहर निकल गए और बड़ा हादसा होने से टल गया। संदीप, राजेंद्र प्रसाद, मनोज और विजेंद्र के मकानों को नुकसान पहुंचा है। वहीं शनिवार को नगर पंचायत अध्यक्ष हिमानी वैष्णवी ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लिया। उन्होंने एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों से भवनों के नुकसान का मुआवजा देने के लिए उचित कार्रवाई करने के लिए कहा।