उत्तराखंड पहुंचा मानसून, अगले 48 घंटे तक लगातार बारिश का अलर्ट जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब एक सप्ताह पिछड़ने के बाद बृहस्पतिवार को मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दी। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों को पार करता हुआ मानसून राजस्थान, गुजरात तक पहुंच गया है। बता दें कि पिछले साल 2017 को एक जुलाई को मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दी थी।
मानसून की पहली बारिश ने बृहस्पतिवार रात कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी। करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। ज्यादातर नालियां और नाले उफान पर आ गए। सड़कों पर भी पानी भरने के कारण पैदल चलने वालों को भी दिक्कत झेलनी पड़ी।
बृहस्पतिवार रात करीब सात बजे राजधानी दून के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। रात करीब साढ़े आठ बजे तक तेज बारिश जारी रही। तेज बारिश के कारण रेलवे स्टेशन के पास, महाराजा अग्रसेन चौक, गांधी रोड, एस्लेहॉल, यूकेलिप्टस चौक, सर्वे चौक, लैंसडाउन चौक पर पानी भर गया। इसके अलावा माजरा, रायपुर रोड, डीएल रोड, मोथरोवाला, शिमला बाईपास, सहस्त्रधारा रोड इलाकों से सटे मोहल्लों में भी पानी भर गया। इसके चलते लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ी। बारिश के कारण काफी देर तक विद्युत आपूर्ति भी ठप रही। विद्या विहार, नारायण विहार, कारगी रोड, बंजारावाला, शिमला बाईपास, टीएचडीसी कॉलोनी, मोथरोवाला इलाकों में बारिश के दौरान बिजली की आंख-मिचौली चलती रही। हालांकि बारिश बंद होने के बाद विद्युत आपूर्ति सुचारु हो गई।
शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान
कुमाऊं के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार देर रात मानसून ने दस्तक दी। बृहस्पतिवार सुबह यह गढ़वाल मंडल को कवर करता हुआ राजस्थान की ओर बढ़ गया। बृहस्पतिवार की सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे। राजधानी देहरादून समेत कुछ इलाकों में सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इसके बाद मौसम खुल गया।
हालांकि दोपहर बाद एक बार फिर आसमान काले बादलों से घिर गया और बारिश शुरू हो गई। रात के समय भी कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
वहीं, मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम केंद्र प्रभारी बिक्रम सिंह ने बताया कि एक जुलाई की शाम तक बहुत अधिक बारिश होने का अनुमान है। अगले 48 घंटे तक लगातार बारिश हो सकती है।
यमुनोत्री व गंगोत्री हाईवे बंद होने से घंटों फंसे रहे यात्री
इससे यमुनोत्री धाम से दर्शन कर लौट रहे और जा रहे करीब 60 से 70 यात्री वाहन मार्ग के दोनों तरफ फंसे रहे। कड़ी मशक्कत के बाद यहां बृहस्पतिवार शाम चार बजे यातायात सुचारु हो पाया। टिहरी जिले में आगराखाल और हिंडोलाखाल के बीच भूस्खलन होने से ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे छह घंटे बाधित रहा। इस दौरान सैकड़ों तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को भूखे, प्यासे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
छह घंटे बंद रहा जोशीमठ-मलारी हाईवे
चीन सीमा क्षेत्र के गांवों को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे बारिश के दौरान सुरांईथोटा में भूस्खलन होने से छह घंटे तक बंद रहा। बीआरओ की टीम ने मलबा हटाकर दोपहर दो बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया। बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कड़ का कहना है सुरांईथोटा में चट्टानी भाग से मलबा और पत्थर बारिश होते ही हाईवे पर आ रहा है।